ज्ञानपुर। नगर में पुलिस-प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से शनिवार को एक दुकानदार को इतना आघात पहुंचा कि उसकी तबीयत बिगड़ गई। दुकान के सामने सजे सामान को जब्त कर आइंदा दुकान सड़क पर न सजाने की हिदायत देने से सहमे दुकानदार का बीपी हाई हो गया। आनन-फानन दुकानदार को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। उधर घटना से नाराज दुकानदारों ने पुलिस-प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए ज्ञानपुर-भदोही मार्ग को जाम कर दिया।
ज्ञानपुर नगर में जगह-जगह सड़क पर भारी अतिक्रमण है। सड़क तक आगे बढ़ाकर सजीं दुकानें और बेतरतीब पार्किंग से आए दिन जाम लगा रहता है। शीतल पाल तिराहे के समीप बालीपुर रोड पर सौंदर्य प्रसाधन और गिफ्ट आयटमों की दो दुकानों पर भी सड़क तक सजाए जाने का आरोप लगाया जाता रहा है। पिछले दिनों ज्ञानपुर एसडीएम ने तहसील रोड के किनारे का अतिक्रमण हटवाते हुए दुकानदारों को नाले के अंदर रहने की चेतावनी दी थी। साथ ही आगे तक सजीं इन दुकानों के खिलाफ विधिक कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद ज्ञानपुर नगर पंचायत ने दुकानों को हटवाने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा। शनिवार को पुलिस ने शीतल पाल तिराहे पर पहुंचकर दुकानदार ताराचंद पटवा (55) की दुकान को अंदर करने को कहा। साथ ही आरोप है कि बाहर रखे सामान को पुलिस ने फेंक दिया और कुछ सामान उठा ले गए। जब्त किए गए सामान नगर पंचायत को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के कड़े तेवर देखकर दुकानदार ताराचंद की तबीयत बिगड़ गई। वह घबराहट और बेचैनी महसूस करने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका बीपी 320 मापा गया। हालत चिंताजनक देख चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया। परिजनों ने दुकानदार को भदोही नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दुकानदार की हालत खराब होने की जानकारी मिलने के बाद नगर पंचायत कर्मचारियों ने जब्त किए गए सामान को ठेले पर लादकर वापस पहुंचा दिया। उधर इससे नाराज दुकानदारों ने ज्ञानपुर-भदोही मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। तकरीबन 45 मिनट तक दुकानदारों ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे ज्ञानपुर कोतवाल केके सिंह ने जाम कर रहे दुकानदारों को समझाया। कहा कि नगर पंचायत से अतिक्रमण हटवाने के लिए पत्र आया था। मगर फिर भी इसके लिए जो भी पुलिसकर्मी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उधर नगर पंचायत के ईओ राजेंद्र दुबे ने कहा कि अवकाश होने के कारण अतिक्रमण हटवाने के लिए नगर पंचायत से कोई नहीं गया था। पुलिस ने कार्रवाई करने के बाद सामान सुपुर्द करने के लिए बताया तो दो कर्मचारियों को भेज दिया गया था।