विधान सभा चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावी होने से जिले के 18 हजार छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन और टैबलेट नहीं मिल सका है। अब तक सिर्फ 200 छात्र-छात्राओं को सरकार की इस योजना का लाभ मिल सका है। चयनित छात्र-छात्राओं को अब अगली सरकार से ही आस है। उनका कहना है कि यदि समय पर उन्हें फोन या टैबलेट मिल जाते तो पढ़ाई और आसान हो जाती।
शासन की ओर से स्नातक, परास्नातक और विभिन्न ट्रेड से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले करीब 18 हजार छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन और टैबलेट देने के लिए तैयारी की जा रही थी। जिसकी शुरूआत भी पखवाड़ा भर पूर्व मुख्यमंत्री ने लखनऊ में 200 छात्र-छात्राओं को देकर की थी। अन्य विद्यार्थियों को भी उम्मीद थी कि उन्हें भी जल्द ही स्मार्ट फोन व टैबलेट मिल सकेगा, लेकिन चुनाव आचार संहिता प्रभावी होने से युवाओं की उम्मीदों को झटका लगा है। अब चुनाव के बाद ही वितरण होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि इसको लेकर भी युवा काफी परेशान हैं। योजना के तहत जिले के काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुुखर्जी महाविद्यालय भदोही, केशव प्रसाद मिश्र महिला महाविद्यालय औराई संग अन्य महाविद्यालयों में पंजीकृत 10 हजार और तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में पंजीकृत आठ हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलना है।
जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता का कहना है कि आचार संहिता प्रभावी होने से चयनित विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन व टैबलेट वितरित नहीं हो सकेगा। अब चुनाव होने पर आने वाली सरकार पर निर्भर करेगा। मेडिकल की पढ़ाई करने वाले अनूप कुमार का कहना है कि सरकार की ओर से स्मार्ट फोन और टैबलेट देने की बात सुनकर ही आवेदन किया था। आवेदन के बाद जैसे ही सूची जारी हुई और इसका वितरण हुआ तो आस थी कि जल्द मिल जाएगा, लेकिन अब आचार संहिता प्रभावी होने से अगली सरकार से ही मिलने की आस है। स्नातक के छात्र सूरज दूबे ने कहा कि उन्हें तो सरकार से स्मार्ट फोन मिलने का बेसब्री से इंतजार था। जब लखनऊ में इनका वितरण शुरू हुआ तो लग रहा था कि अब मुझे भी जल्द मिल जाएगा। लेकिन अब मिलेगा भी अथवा नहीं, इसका भी कोई भरोसा नहीं है। अगली सरकार चयनित छात्र-छात्राओं को फोन और टैबलेट अवश्य दे।