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डेढ़ हजार किसानों को झटका, नहीं बेच सके गेहूं

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जिले में मंगलवार को गेहूं खरीद बंद होने से करीब डेढ़ हजार किसानों को झटका लगा है। पंजीकरण कराने के बाद भी वे अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं बेच सके। किसानों की सुविधा के मद्देनजर पिछले दिनों शासन ने एक सप्ताह तक खरीद तिथि बढ़ा दी, हालांकि वह नाकाफी साबित हुआ। 28 क्रय केंद्रों पर खरीद बंद होने तक 35 हजार एमटी गेहूं खरीद हुई और 68 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजा गया। अन्नदाता को उनके उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में कुल 28 केंद्र खोले गए थे। शासन की ओर इस इस सत्र में कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया था। 15 जून को ही 24 केंद्रों को बंद कर दिया गया था। पंजीयन के बाद भी सूबे में हजारों किसान गेहूं नहीं बेच सके थे जबकि जिले में करीब तीन हजार किसानों का खरीद नहीं हो सका था। शासन की ओर से खरीद के लिए 22 जून तक का समय दिया गया। इसके लिए मंडी समिति में स्थित चार केंद्रों को छोड़कर अन्य 24 को बंद कर दिया गया। जिन किसानों का पंजीयन और सत्यापन हो गया था उनसे गेहूं लिया गया। मंगलवार को बढ़ी तिथि भी समाप्त होने से खरीद बंद हो गई। सात दिनों में करीब एक हजार एमटी गेहूं की अधिक खरीद हुई। अब तक विभाग विपणन, पीसीएफ समेत अन्य केंद्रों पर 35 हजार एमटी की खरीद हो चुकी है। विपणन विभाग के आंकडों पर गौर करें तो तीनों तहसील में 10 हजार 600 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया था। जिसमें 9100 ने गेहूं बेचा। अब तक किसानों के खाते में 68 करोड़ भेजी गई है, जिन किसानों के खाते में अब तक नहीं पहुंचा है वह दो से तीन दिन में चला जाएगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्र ने बताया कि गेहूं खरीद 15 जून को ही समाप्त हो जाता है। किसानों की संख्या अधिक होने से शासन ने 22 जून तक खरीद की तिथि बढ़ा दी थी। करीब डेढ़ हजार किसानों से खरीद नहीं हो सकी। अगर तिथि बढ़ेगी तो खरीद पर विचार किया जाएगा।
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