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शक्तिपीठों में विग्रह स्वरूप का होगा दर्शन

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ज्ञानपुर। आदि शक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्र मंगलवार से शुरू हो रहा है। इस बार का चैत्र नवरात्र कई मायनों में खास है। लोगों ने घरों देवी की आराधना करने से पूर्व सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। कोरोना के चलते शक्तिपीठों में गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलेगा। भक्तों को देवी के विग्रह स्वरूप का दर्शन कराया जाएगा।
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डुहिया भावसिंहपुर के पंडित दीनानाथ शुक्ला ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन मंगलवार को सूर्योदय से लेकर सुबह 8 बजकर 46 मिनट तक किया जा सकता है। हालांकि विशेष परिस्थिति में अभिजित मुहूर्त में मध्याह्न में 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट के बीच भी कलश की स्थापना की जा कसती है। नवरात्र में भक्तों की ओर से दुर्गासप्तशती का पाठ करने पर अक्षय फल व पुण्य की प्राप्ति होती है।
इस वर्ष भी चैत्र नवरात्र की शुरुआत कोरोना काल में हो रही है। ऐसे में जिले के प्रमुख मंदिरों नवरात्र में दर्शन पूजन के लिए प्रशासन की ओर कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश न देकर बाहर से देवी के विग्रह स्वरूप का दर्शन कराया जाएगा। इस क्रम में ज्ञानपुर के भौपैला देवी मंदिर में भी भक्तों को दर्शन पूजन कराने के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं ।
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वहीं गोपीगंज के सदर मोहाल स्थित दुर्गा मंदिर में इस बार दर्शनार्थियों को सोशल डिस्टेंशिंग के हिसाब से दूर दूर खड़ा करने की व्यवस्था की गई है। सदर मोहाल के दुुर्गा मंदिर में इस बार देवी के गर्भगृह में किसी भी दर्शनार्थी को प्रवेेश नहीं दिया जाएगा। वहीं गोपीगंज के चौरा माता मंदिर में भी नवरात्र में दर्शन पूजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। यहां भी भक्तों को दर्शन पूजन के लिए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलेगा। भक्तजन देवी के विग्रह का दर्शन करेंगे।
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