ज्ञानपुर। यूनिफार्म वितरण में धांधली करने वाले अफसरों की गर्दन फंसनी तय हो गई है। डीएम की गठित टीम की जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि बच्चों की संख्या और यूनिफार्म वितरण में काफी अंतर है। मामले की गंभीरता देखते हुए सीडीओ ने बीएसए और छह खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
माह भर पूर्व जिलाधिकारी प्रकाश बिन्दु को शिक्षक नेता अशोक कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर वर्ष 2013- 14 और 2015-16 में वितरित यूनिफार्म में धांधली का आरोप लगाया था। अधिकारियों पर फर्मों से पैसे के लेनदेन और मनमुताबिक फर्म चयन की बात कही गई थी।
एसएमसी के अधिकारों को भी दबाया गया था। शिक्षक नेता ने इस दौरान एक सीडी सौंपकर यूनिफार्म वितरण की जांच कराने की मांग की थी। डीएम ने इस मामले की जांच के लिए सीडीओ, वरिष्ठ कोषाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक और डिप्टी कलेक्टर की चार सदस्यीय टीम को नामित किया था।
जांच टीम को 15 जुलाई तक रिपोर्ट देनी थी लेकिन पखवारे भर बाद जांच पूरी की गई। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया है कि यूनिफार्म वितरण में काफी गड़बड़ी की गई है।
मुख्य विकास अधिकारी आरपी मिश्र ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर बेसिक शिक्षा अधिकारी और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों की ओर से स्पष्टीकरण देने के बाद संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी और एनपीआरसी पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी गई है।