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UP: 100 से ज्यादा लोगों से 5 करोड़ ठगे, 700 अकाउंट संचालित करते थे सात शातिर; चाइना-हांगकांग में है नेटवर्क

Wed, 22 Oct 2025 06:28 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।

सार

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की पुलिस ने पांच ऐसे लोगों को अरेस्ट किया है, जो चाइना और हांगकांग के शातिरों की मदद से भारत में साइबर ठगी करते थे। 100 से ज्यादा लोगों से पांच करोड़ की ठगी की जा चुकी है।
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गिरफ्तार आरोपियों के साथ जिले की पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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Bhadohi News: जिले में बैठकर चाइना और हांगकांग में बैठे लोगों के नेटवर्क की बदलौत 100 से अधिक लोगों को ठगने वाले सात साइबर ठगों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार सात साइबर ठगों में पांच भदोही और एक-एक मिर्जापुर व प्रयागराज के हैं। साइबर ठगों द्वारा 700 फर्जी खाते संचालित किए जा रहे थे। वहीं अब तक की हुई जांच में करीब पांच करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

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पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि जिले की पुलिस को एनसीआरपी और जेएमआईएस पोर्टल पर शिकायतें मिली कि जिले में संबंधित व्यक्तियों के कुछ खातें ऐसे हैं। जिसमें साइबर फ्राड का पैसा ट्रांसफार्मर किया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस ने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया तो पुलिस को पता लगा कि यह गैंग इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से लोगों को रुपए जल्द दुगना करने का लालच देकर कई अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करता था। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड की डिटेल लेकर अमेजॉन वॉलेट में पैसे मांगते थे और उसको निकलते थे साथ ही इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग के माध्यम से लोगों के साथ बड़ा फ्रॉड इस गैंग के द्वारा किया जा रहा था। 

अब तक ये लोग 100 से अधिक लोगों को पांच करोड़ की अधिक ठगी कर चुके हैं। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि ये लोग चाइना और हांगकांग से संचालित साइबर फ्राड के टेलीग्राम नेटवर्क से जुड़े थे। अभियुक्तों के पास से 10 मोबाइल, 10 एटीएम कार्ड, 5000 रुपये, एक कार, समेत कई चैट व एपीके फाइल से संबंधित डाटा मिला है।

अलग-अलग बंटा था काम, इस तरह करते थे फ्राड
एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि अंकुश सोनी जो इस गैंग लीडर है। वह टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प को पीड़ितो को भेजता है। इसके बाद कमलेश कुमार फर्जी खातों का मैनेजमेंट और प्राप्त फंडों को अलग-अलग स्थानों पर भेजता है। वहीं शनि सिंह फर्जी टेलीग्राम आईडी @nayacarfone को आपरेट करता है। जिससे क्रेडिट कार्ड संबंधित फ्राड किया जाता है।

वहीं अवधेश उर्फ दीपक फेंक आईडी, सिम व अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराता है। राहुल पासी सीएससी आपरेटर है, जो सीएससी से पैसे बाहर निकालने का सुविधा उपलब्ध कराता है। वहीं शहजाद जो पीड़ितो का क्रेडिट कार्ड और ओटीपी उपलब्ध कराने में मदद करता है। 

इसके अलावा शोयब अंसारी डिजिटल परिसंपत्तियां व केवाईसी फ्राड का प्रबंधन करता है। बताया कि ये बैंक के माध्यम से लोगों का ओटीपी केवाईसी डाटा प्राप्त करके पीड़ितों के बैंक एकाउंट से पैसे फर्जी खातों में ट्रांसफर कराकर पैसों की क्रिप्टों ट्रेडिंग व गेमिंग एप्स और सीएससी सेंटर के माध्यम से पैसों की निकासी कर लेते है।
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ये हुए हैं गिरफ्तार अभियुक्त
एएसपी शुभम ने बताया कि गिरफ्तार साइबर फ्राड अंकुश सोनी निवासी मंसूराबाद, प्रयागराज, कमलेश कुमार निवासी पूरेनगरी, ऊंज, शनि सिंह निवासी नवलपुर जखांव, अवधेश कुमार चौधरी उर्फ दीपू उर्फ दीपक निवासी हाजीपट्टी, नारायणपुर, अदलहाट मिर्जापुर, राहुल पासी निवासी भिदिउरा, ज्ञानपुर, शहजाद निवासी वार्ड नंबर 12 पूरेगुलाब और शोएब अंसारी उर्फ राजा निवासी बड़ागांव, वाराणसी हाल पता भुड़की, ज्ञानपुर है। 

पुलिस ने इन सभी को गोपीगंज बाजार ओवरब्रिज के नीचे पुल के पूर्वी छोर पिलर नंबर 52 के सामने बस स्टैण्ड वेटिंग एरिया के पास से गिरफ्तार किया। वहीं सुधांशु गुप्ता निवासी बड़ागांव और अवधेश बिंद निवासी जखांव भी थे। ये लोग पुलिस के आने की जानकारी मिलते ही फरार हो गए।

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