इसमें आगामी बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्रों
के निर्धारण पर प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि
वित्तविहीन शिक्षकों का अभिलेख कार्यालय में अविलंब जमा करें।
जिन
छात्र-छात्राओं का नाम लैपटाप और विद्याधन के लिए नामित हैं उनके सभी
कागजात कार्यालय में जमा करें। विद्यालय में बेहतर पठन-पाठन का निर्देश
दिीया।
इस दौरान राजकीय और वित्तपोषित की बैठक सुबह 10 बजे से और
वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक दोपहर बाद हुई। इस मौके
पर ज्ञानेंद्र कुमार, इंद्रमणि मिश्रा सहित कई लोग मौजूद रहे।