सेमिनार में लखनऊ के चार्टड एकाउंटेंट पंकज अग्रवाल ने सेवा कर संबंधी भ्रांतियों को दूर करते हुए केंद्रीय बजट के मुख्य प्रावधानों पर रोशनी डाली।
उन्होंने कहा कि सेवा कर सरकार ने भले ही बढ़ा दी हो लेकिन दो प्रतिशत सरचार्ज लगाकर कारपोरेट लाबी से 9 हजार करोड़ जुटाने की व्यवस्था भी कर ली है जो भविष्य में देश के मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों को उबारने में मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बजट में सरकार द्वारा 20 हजार करोड़ से मुद्रा बैंक की स्थापना से छोटे दूकानदारों से लेकर मझोले व्यापारियों के लिए लाभप्रद होगा। वरिष्ठ चाटर्ड एकाउंटेंट ने लोगों को बताया कि किसी विदेशी को भुगतान करते समय अब टीडीएस कटौती करने का प्रावधान सरकार ने उठा लिया है जबकि किसी विदेशी से मिलने वाली सेवा पर सेवा कर भी सरकार खत्म कर चुकी है।
कालीन निर्यातक अब तक किसी विदेशी आयातक के एजेंट को भुगतान करते थे तो उनसे सेवा कर मांगा जाता था। उन्होंने कहा कि नए प्रावधान में सरकार ने इसे भी रद कर दिया है लेकिन पूर्व के मामलों में वे कुछ नहीं बोले। समापन नगर के सीए केपी दूबे ने और संचालन एकमा के संयुक्त सचिव पियूष बरनवाल ने किया। संयोजक पूर्व एकमाध्यक्ष रवि पाटोदिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्य रूप से शिवसागर तिवारी, तनवीर हुसैन, एसी बरनवाल, नसरुल्लाह अंसारी, ओएन मिश्र बच्चा, मिथिलेश सिंह, सईद अंसारी, हाजी अब्दुल सत्तार, पीसी जायसवाल, हाजी जलील अंसारी, रजा खां, अश्फाक अंसारी, सुहेल अतहर, जयप्रकाश गुप्ता, आरसी जायसवाल, अजय गुप्ता, शैलेंद्र गुप्ता, सुजीत जायसवाल, आरके बोथरा, तिलकराज खन्ना, आलोक बरनवाल, वीके सिन्हा, एसके सिनहा,