ज्ञानपुर। महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल के ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल आफिसर) डॉ. धीरेंद्र कुमार को गलतबयानी को लेकर बृहस्पतिवार को बर्खास्त कर दिया गया। तीन दिन पूर्व अस्पताल में भर्ती शारीरिक रूप से कमजोर एक 20 वर्षीय युवती को लेकर चिकित्सक की ओर से गलत बयानबाजी की गई थी। मामले का वीडियो वायरल होने के बाद जांच के लिए टीम गठित की गई। जिसमें दोषी मिलने पर सीएमओ ने चिकित्सक को बर्खास्त कर दिया।
ज्ञानपुर नगर के एक मोहल्ले की 20 वर्षीय युवती के शोषण का आरोप आसपास लोगों ने पिता पर लगाया था। इसके बाद पुलिस ने तीन दिन पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मामला जिला अस्पताल पहुंचने के बाद इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने बिना मामले की गंभीरता को जाने इसको लेकर गलत बयानी की।
मामला जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने सीएमओ से मामले की जांच के निर्देश दिए। सीएमओ ने मामले में अपर मुुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी शुुक्ल, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरबी पाठक और महिला चिकित्सक डॉ. नीलिमा धवन की गठित टीम ने जांच की। इसके अलावा पुलिस टीम ने भी पूरे मामले की जांच की और युवती का मेडिकल परीक्षण भी कराया। इसमें यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई। जांच में पाया गया कि बिना की जांच के ही लोगों के आरोप के आधार पर ईएमओ ने यौन शोषण बताया था। रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद सीएमओ ने डॉ. धीरेन्द्र कुमार को बर्खास्त कर दिया।
10 दिन के भीतर दूसरे चिकित्सक पर गिरी गाज
जिला अस्पताल में 10 दिन के भीतर ही दो चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों ही ईएमओ रहे हैं। इसके पहले बीते बृहस्पतिवार को वनवासी महिला के मामले में लापरवाही बरतने वाले ईएमओ डॉ. पंकज कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई थी। वहीं अब इस मामले में ईएमओ डॉ. धीरेन्द्र कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। सीएमओ ने साफ किया है कि ड्यूटी और जिम्मेदारी के प्रति लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक चिकित्सक को किसी मरीज के लिए गलत बयानबाजी करना अनुशासनहीनता, चिकित्सीय गरिमा के खिलाफ है। अस्पताल में आए हर मरीज का इलाज करना चाहिए न कि किसी के खिलाफ बयानबाजी। जांच के बाद आरोपी डाॅक्टर को बर्खास्त कर दिया गया। - डॉ. एसके चक, सीएमओ।