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सीताहरण-लक्ष्मण शक्त का मंचन देख गदगद हुए भक्त

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चौरी/सुरियावां। आदर्श रामलीला समिति हरीपुर-अभिया और चौरी के लठियां की लीला में बृहस्पतिवार की रात कलाकारों ने सीताहरण और लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया। इस दौरान जमकर जयकारे लगे। चौथे दिन अभिया में माता कैकेई अपने किए पर पश्चाताप करती हैं, लेकिन श्रीराम लौटने को राजी नहीं होते हैं। शूर्पणखा की नाक काटने से नाराज रावण साधु वेश में पंचवटी से सीता का हरण कर लेता है। मंचन से दर्शक मंत्रगुग्ध हो गए। इसी तरह लठिया में छठवें दिन लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध की लीला हुई। रावण के दरबार में अंगद रावण से सीता को वापस भेजकर प्रभु श्रीराम की शरण में आने को कहते हैं, लेकिन अहंकार में भरा रावण तैयार नहीं होता और युद्ध के लिए ललकारता है। लक्ष्मण और मेघनाद में युद्ध होता है, जहां लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। विभीषण की सलाह पर सुषेन वैद को हनुमान ले आते हैं। द्रोणागिरि पर्वत से रात में ही संजीवनी बूटी आ जाए तभी लक्ष्मण के प्राण बचाने की बात सुषेन वैद्य बताते हैं। हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए जाते हैं। रास्ते में कालनेमि नामक राक्षस हनुमान को साधु के रूप में बहकाता है कि बूटी लाने में देर हो जाए। फिर मकरी द्वारा कालनेमि के विषय में बताया जाता है जिस पर हनुमान कालनेमि का वध कर रात ही में संजीवनी लाकर लक्ष्मण बचाते हैं। यह जानकार रावण विचलित हो जाता है। कुंभकर्ण को युद्ध के लिए भेजता है। युद्ध के पश्चात कुंभकरण राम के हाथों मारा जाता है। इस मौके पर विजयी शुक्ला, जीत तिवारी, धनीशंकर यादव, डब्लू चौबे, विनय तिवारी, सूरज चौबे, मुन्ना मिश्रा, दयाशंकर यादव आदि थे।
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