ब्लॉक क्षेत्र के बैदाखास स्थित एक इंटरमीडिएट कॉलेज में शुक्रवार को मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ विभाग की ओर से जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 200 से 250 बच्चों को मानसिक बीमारी से बचाव, उपचार और कारण के बारे में विस्तार से बताया गया। नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. अशोक परासर ने बताया कि इस समय तेजी से मानसिक बीमारी की समस्या बढ़ रही है।
नींद न आना, पढ़ाई में मन न लगना, निरंतर उदास रहना आदि मानसिक बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। लक्षण दिखने पर बच्चे या उनके परिजन मनोचिकित्सक की सलाह पर दवा का सेवन करें। बताया कि मानसिक बीमारी कोई गंभीर समस्या नहीं है। समय से उपचार शुरू कराएं। कुछ महीने दवा चलने के बाद बीमारी से छूटकारा मिल सकता है। शिविर में 12 बच्चों को प्रमाण पत्र भी दिया गया। मौके पर साजन मिश्रा, सीमा तिवारी आदि मौजूद रहीं।