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खाद-बीज: करेंसी की किल्लत ने रुलाया

Sun, 27 Nov 2016 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
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 जिले के भंडारों में खाद-बीज की कोई कमी नहीं है। जिला प्रशासन का दावा है कि किसानों के लिए निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा खाद और बीज गोदामों में उपलब्ध है, लेकिन करेंसी की किल्लत के चलते खाद-बीज खरीदने में किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समितियों पर कर्मचारियों ने खाद-बीज के बदले पांच सौ रुपये के नोट भी अब लेना बंद कर दिया है, जबकि केंद्र सरकार ने खाद-बीज के भंडारों पर इस नोट को अभी लेने के लिए निर्देशित         किया था। 
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औराई क्षेत्र के अजय नारायण द्विवेदी सहकारी समिति पर खाद-बीज लेने पहुंचे तो समिति कर्मचारियों ने 500 रुपये के नोट लेने से इनकार कर दिया। कहा कि इस नोट को लेने का आदेश 24 नवंबर तक ही था। अब इसे बैंक वाले नहीं ले रहे। इसी प्रकार अभोली क्षेत्र के रामजी को भी समिति से बिना खाद-बीज के लौटना पड़ा। तमाम किसान        करेंसी के अभाव में समितियों           पर जाने से कतरा रहे हैं। मारामारी के बीच नकदी मिल नहीं पा रही   है। ऐसे में खेती का काम पिछड़ता जा रहा है। जबकि दूसरी ओर राजकीय कृषि भंडारों और समितियों पर खाद-बीज की कोई कमी नहीं है। 
जिले के सभी छह ब्लॉकों में मौजूद एक-एक कृषि भंडारों पर गेहूं, चना, मटर, सरसों आदि के पर्याप्त बीज मौजूद हैं। जिला कृषि अधिकारी संजय सिंह के मुताबिक कृषि बीज भंडारों पर गेहूं का बीज 3810 क्विंटल रखा गया था, जिसमें से लगभग 2600 क्विंटल वितरित किया जा चुका है। इसी तरह चना का 25 और मटर का 30 क्विंटल बीज रखा गया, जिसमें से आधा बीज बंट गया। जबकि सरसों का पांच क्विंटल बीज बांट दिया गया। पांच सौ के नोट किसानों से न लेने के सवाल पर उन्होंने ने कहा कि बैंक के लोग बड़े नोट नहीं जमा कर रहे। उनका कहना है कि 24 नवंबर तक ही पांच सौ के नोट जमा करने का निर्देश है। इसके चलते किसानों से पांच सौ का नोट लेना संभव नहीं रह गया है। 
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उधर बैंक के अधिकारियों से जब यह पूछा गया कि केंद्र सरकार ने अभी खाद-बीज केंद्रों पर पांच सौ का नोट लेने का निर्देश दिया है। ऐसे में ये नोट जमा किया जाना चाहिए तो उनका कहना था कि इस आशय का कोई सर्कुलर बैंक को अभी नहीं मिले हैं। ऐसे में किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं।  
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