ज्ञानपुर। रबी सीजन शुरू होने के साथ ही विशेषज्ञ किसानों को बेहतर खेती की सलाह दे रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के फसल सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. मनोज पांडेय ने विज्ञप्ति जारी कर किसानों को बीज शोधन की सलाह दी। बताया कि फसलों में तमाम रोग बीज से फैलते हैं। रोगाणुओं की उग्रता बढ़ने पर अंकुरण से लेकर फसल तैयार होने तक रोग का प्रकोप बना रहता है। रबी फसलों में गेहूं व जौ में झूलसा, चना में उकठा, बीज सड़न, तना गलन पत्ती धब्बा रोग का खतरा होता है। मटर में झूलसा व उकठा रोग होता है। इसी तरह लहसुन-प्याज में झूलसा व गोभी में पत्ती धब्बा, मिर्च, टमाटर व गोभी-बैगन में पौध गलन रोग का खतरा होता है। बीज शोधन के लिए कार्बेंडाजिम 37.5 फीसदी थीरम 37.5प्रतिशत (विटावेक्स पावर) अथवा कार्बेंडाजिम 50प्रतिशत डब्ल्यूपी की दो ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम बीज की दर से शोधन कार्य करें अथवा रसायनों के अतिरक्ति जैविक नियंत्रक जैसे ट्राइकोडरमा पाउडर की दस ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम बीज की दर से शोधित कर सकते हैं।