इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि खुद के बचाव के लिए अधिकारी कर्मचारियों को दोषी करार देते हैं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जिला इकाई के सदस्य बृहस्पतिवार को दोपहर करीब ढाई विकास भवन पहुंच गए। वहां कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सेक्रेटरी शेषमणि पांडेय के खिलाफ की गई कार्रवाई को ज्यादती बताया और मुकदमा वापस लेने की मांग की। संगठन के जिलाध्यक्ष धर्मराज यादव ने कहा कि सेक्रेटरी के खिलाफ लेन-देन संबंधी कोई साक्ष्य न होने के बावजूद एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
अगर केस को वापस नहीं लिया जाता है तो कर्मचारी 20 जुलाई को विकास भवन के सभी कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर धरना देंगे। ब्लाक स्तर पर भी कर्मचारी विरोध करेंगे।
प्रदर्शन करने वालों में संगठन के जिलामंत्री रूपेश श्रीवास्तव, राकेश सिंह, प्रमोद चंद्र पांडेय, संतोष सिंह, जटाशंकर श्रीवास्तव, राजनाथ, गणेश राय, धर्मेंद्र सिंह, प्रदीप बिंद, हरिशंकर यादव, दीपेश सिंह, बीके श्रीवास्तव, नीरज मिश्र, चिंतामणि समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।