ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के पिपरिस में साल 2008 से शुरू राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण डेढ़ दशक में पूरा नहीं हो सका। अब इसको पीपीपी मॉडल से चलाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के कारण 2015-16 से काम रूक गया है। जिससे युवाओं को झटका लग रहा है। तकनीकी शिक्षा के लिए उन्हें दूसरे शहरों की तरफ रूख करना पड़ता है। गांव में इंजीनियरों की तैयार करने के लिए आईअीआई एवं राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की जाती है। औराई में पॉलिटेक्निक कॉलेज कई साल से संचालित है, जबकि भदोही के पिपरिस में अब तक कॉलेज पूर्ण नहीं हो सका। साल 2007-08 में बसपा की सरकार में उसकी आधारशिला रखी गई। छह-छह करोड़ की लागत से कॉलेज और छात्रावास बनने थे। चार से पांच साल तक काम तेज चला, लेकिन बाद परियोजना में भ्रष्टाचार के कारण निर्माण ठप हो गया। जिससे 2015-16 से लेकर अब तक काम शुरू नहीं हो सका। कॉलेज के भवन, खिड़की आदि बन गए, लेकिन दरवाजा समेत अन्य कई कार्य अब भी पूर्ण नहीं हो सका। अफसरों की उदासीनता के कारण धीरे-धीरे बिल्डिंग अब खराब होने लगी है। जिसको लेकर तमाम सवाल भी उठने लगे। शासन ने अब ऐसे कॉलेजों को पीपीपी के मॉडल से संचालित कराने में जुट गया है। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि गबन के कारण कार्यदायी संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारी जेल जा चुके हैं। करीब आठ से 10 साल से काम रूका है। शासन इसे पीपीपी मॉडल पर चलाने की तैयारी में जुटा है।
सांसद ने प्राविधिक शिक्षा मंत्री को भेजा पत्र
ज्ञानपुर। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज पिपरिस को पूर्ण कर संचालन के लिए सांसद रमेश चंद्र बिदं ने शासन और प्राविधिक शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। कहा कि अधूरे कॉलेज को समय से पूर्ण कराया जाए। जिससे क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए अन्यत्र न जाना पड़े। सांसद रमेश चंद्र बिंद ने पत्र लिखा है। अधूरे काम को पूर्ण कर हैंडओवर कर चालू किया जाए।