कलेक्ट्रेट पर लगातार दूसरे दिन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते लेखपाल।
अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे लेखपालों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को कलेक्ट्रेट पर धरना देकर लेखपालों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। चेतावनी दी कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह वृहद आंदोलन करेंगे।
लेखपाल संघ के अवधेश तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार लेखपालों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। छह सूत्री मांगों को यदि शासन की ओर से 29 अगस्त तक पूरा नहीं किया गया तो 30 अगस्त को प्रदेश भर के लेखपाल लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे। मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन लेखपालों ने जिला प्रशासन को सौंपा।
इसमें बताया कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीसी विसंगति दूर करने, संवर्ग का पद नाम बदलकर राजस्व उप निरीक्षक करने, शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, लेखपालों के स्थानांतरण नीति में संशोधन करने, ई-डिस्ट्रिक्ट, आईजीआरएस आदि शासन की योजनाएं क्रियान्वयक के लिए लेखपालों को लैपटॉप देने, एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों को पुरानी पेंशन बहाल करने आदि की मांग की। इस मौके पर लेखपाल संगठन के जिला मंत्री धर्मराज, देवी शंकर श्रीवास्तव, भुलेश्वर तिवारी, अजीत श्रीवास्तव, रमाशंकर, राम नारायण समेत कई लोग मौजूद रहे।