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ओमैसम प्रकरण: विवेचना अधिकारी समेत दो निलंबित

Wed, 18 May 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला ,भदोही
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 गोपीगंज के बहुचर्चित ओमैसम (सूखे  पशुओं के अवशेष) प्रकरण में सोमवार की देर रात प्रथम विवेचना अधिकारी ( निवर्तमान एसओ ऊंज) रंग बहादुर पांडेय और गोपीगंज थाने के एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया। प्रकरण से जुड़े कुछ सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस टीमें कई प्रांतों में दबिश दे रही हैं। 
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गोपीगंज थाने की पुलिस ने 26 जनवरी 2016 को कोलकाता से हापुड़ के लिए जा रहे एक ट्रक ओमैसम को पकड़ा था। इसे गोमांस बताकर मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने ओमैसम को डिस्पोजल दिखाकर गाजियाबाद के एक व्यापारी को पूरा माल बेच दिया था। इस प्रकरण में महाराष्ट्र के एक कद्दावर सपा नेता के हाथ डालने के बाद इस प्रकरण की परत दर परत खुलने लगी। प्रकरण में पहली गाज तत्कालीन एसओ गोपीगंज रमेश चौबे पर गिरी। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए निलंबित कर दिया गया जबकि क्राइम ब्रांच के सिपाही इमरान खान और रांची पुलिस में सिपाही शाहिद खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए टीमें झारखंड समेत कई प्रांतो में दबिश दे रहीं है। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा रहा है पुलिस महकमे में खलबली मचती जा रही है। रमेश चौबे और इमरान खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज और निलंबन की कार्रवाई तो पहले हो चुकी है लेकिन सोमवार को एसपी पीके मिश्र और एएसपी लल्लन प्रसाद यादव का भी तबादल हो गया। ओमैसम प्रकरण के पहले विवेचना अधिकारी रहे एसओ ऊंज रंग बहादुर पांडेय और गोपीगंज थाने के सिपाही संजय सिंह को सोमवार की देर रात निलंबित कर दिया गया। हालांकि एसओ ऊंज अभी निलंबन पत्र रिसिव नहीं किए हैं। बताया जाता है कि तबियत खराब होने पर वह अपना उपचार कराने के लिए गए हैं। डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। एसओ ऊंज और एक सिपाही को निलंबित किया गया है। 
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