गजिया रेलवे ओवरब्रिज को नवंबर के अंत कर तैयार कराने को लेकर प्रशासनिक अमला गंभीर है। मामले में जिला प्रशासन ने उप्र राज्य सेतु निगम को अल्टीमेटम भी दे दिया है। लेकिन बारिश के चलते से काम प्रभावित हो रहा है। डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश पर काम की प्रगति देखने के लिए बुधवार को उपजिलाधिकारी आशीष कुमार मिश्रा ने साईट की निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आरओबी निर्माण के बाद सर्विस लेन बनेगा। निर्माण स्थल के आसपास जलनिगम द्वारा पाईप लाईन बदलने में महीनों लगाकर किसी तरह काम तो खत्म कर दिया लेकिन अब बारिश के चलते इसमें दिक्कत हो रही है। दोपहर लगभग 1 बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम ने सेतु निगम अधिकारियों से चर्चा की और उनके वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात की। सेतु निगम ने बताया कि पाईपलाईन का काम पूरा होकर उन्हें मिल चुका है। उन्होंने दूसरे पिलर डालने के लिए खोदाई भी कराई लेकिन बारिश से उसमे पानी भर गया है। एसडीएम ने उन्हें बताया कि निर्माण के लिए नवंबर की मियाद मिली है इसलिए समय सीमा को जरूर ध्यान में रखें। एसडीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश शासन भी इसको लेकर गंभीर है क्योंकि आम नागरिक इससे बहुत परेशानी झेल चुका है। इसलिए और समस्याएं बढ़ने के बजाए घटनी चाहिए। एसडीएम ने यह भी पूछा गया कि आवागमन के लिए सर्विस लेन का प्रावधान है कि नहीं तो उन्होंने बताया कि सर्विस लेन तो तभी बनेगा जब ओवर ब्रिज बन जाएगा। क्योंकि उससे पहले सर्विस लेन बनाने का मतलब है निर्माण कार्य बाधित कराना। जानकारी हो कि पाईपलाईन के कार्य के चलते नगर पालिका कार्यालय के बाहर हुई खोदाई से वहां रास्ता तक नहीं बचा है। इससे गजिया के निवासियों को भारी कष्ट झेलना पड़ रहा है। लोगों में निर्माण कार्य की गति को लेकर नाराजगी भी है।