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अवैध अस्पतालें पर शिकंजा, केस दर्ज करने की संस्तुति

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स्वास्थ्य विभाग ने अवैध अस्पतालों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। जिले के तीन अवैध अस्पतालों पर शिकंजा कसा है। नोटिस भेजने के बाद भी संचालन बंद न होने पर दो अस्पतालों पर 50-50 हजार अर्थदंड, जबकि एक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई है। पाली बाजार निवासी अशोक कुमार बिंद ने आईजीआरएस पर प्रार्थना पत्र देकर संजय नगर में डॉ. बलराम बिंद क्लिनिक के अवैध संचालन की शिकायत की थी। सीएचसी प्रभारी गोपीगंज डॉ. आशुतोष पांडेय ने जांच की तो शिकायत सही मिली। उन्होंने नोटिस देकर संचालन बंद करने का निर्देश दिया। चार अगस्त को दुबारा जांच किया तो अवैध अस्पताल संचालित मिला। रिपोर्ट पर सीएमओ ने क्लिनिक स्टेबलिसमेंट एक्ट 2010 के तहत 50 का अर्थदंड लगाया। वीरमपुर गांव निवासी लालमणि यादव की शिकायत पर पाली बाजार में बंगाली क्लिनिक की जांच सीएचसी प्रभारी गोपीगंज ने किया। नोटिस के बाद भी संचालन न बंद होने पर 50 हजार का अर्थदंड लगाया। इसी तरह विंध्यवासिनी उपाध्याय ने शिकायत किया था कि मानिकपुर स्थित सुषमा हास्पिटल अवैध ढंग से संचालित है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी सिंह की जांच में शिकायत सही मिली। नोटिस और अर्थदंड लगाने के बाद भी अस्पताल बंद नहीं मिला। सीएमओ ने झोलाछाप सुषमा सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति करते हुए चौरी थानाध्यक्ष को पत्र लिखा। इसके पूर्व विभाग ने सुंदरपुर और संसारापुर में क्लिनिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुका है।
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