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फुट ओवरब्रिज न होने से जोखिम उठा रहे स्कूली बच्चे

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लालानगर में निजी स्कूल की छुट्टी होने पर बच्चों को हाईवे को पार कराते शिक्षक। संवाद - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर/घोसिया। हंडिया-राजातालाब खंड के वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर फुट ओवरब्रिज न होने से स्कूली बच्चे जोखिम उठाने के लिए विवश हैं। बच्चों के स्कूल पहुंचने से लेकर छुट्टियां होने पर शिक्षक अतिरिक्त जिम्मेदारी उठाकर बच्चों को हाईवे आर-पार कराते हैं। शनिवार को लालानगर टोलप्लाजा के समीप स्थित एक निजी स्कूल से छुट्टी होने पर दर्जनों बच्चों को हाईवे पार कराने के लिए दो शिक्षक पूर्वी और दो शिक्षक पश्चिमी छोर पर खड़े होकर वाहनों को रुकने का संकेत देते मिले तभी स्कूली बच्चे दक्षिणी से उत्तरी सर्विसलेन पहुंच सके। अभिभावक सुखराज ने बताया कि हाईवे से सटे कई ऐसे निजी स्कूल हैं जहां पर पहुंचना बच्चों के लिए कठिन कार्य इसलिए है कि बच्चे दोनों छोर से एक-एक किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। ऐसी स्थिति में हाईवे प्राधिकरण ने सिक्सलेन का निर्माण करते समय ही फुट ओवरब्रिज की जरूरत पूरी कर दी होती तो बच्चों को जोखिम न उठाना पड़ता। अभिभावक अखिलेश ने बताया कि प्राधिकरण ने उन्हीं स्थानों पर फुट ओवरब्रिज की डिमांड और कटप्वाइंट पूरा किया जहां से लाभ नजर आया है। अभिभावक सुरेंद्रनाथ ने बताया कि पूर्वी-पश्चिमी सीमा अंतर्गत दो फ्लाईओवर, 10-12 की संख्या में अंडरपास भी बनाते समय न सरकारी, निजी स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र, खेल मैदान को प्राथमिकता नहीं दी गई। प्राथमिकता मिलती तो जंगीगंज बाजार का मामले की फाइलें राजमार्ग मंत्रालय की टेबलों पर कई माह से धूल न फांकती। हाईवे खंड वाराणसी-प्रयागराज के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाले मेंटनेस प्रबंधक वीरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि भदोही-वाराणसी के पूर्वी सीमा पर दो फुट ओवरब्रिज बने हैं जिसका समुचित उपयोग लोग नहीं कर पा रहे हैं। बाबूसराय से ऊंज की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है। जहां फुट ओवरब्रिज बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों को सशक्त होना पड़ेगा। फुट ओवरब्रिज का निर्माण वहीं होगा जिस स्थान पर अंडरपास नहीं होंगे और उस स्थान पर बनना नामुमकिन है जहां अंडरपास की दूरी काफी नजदीक है।
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