डीघ ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय सेमराध में बिना निविदा जर्जर भवन को बेच दिए जाने का मामला सामने में आया है। गुपचुप तरीके से हुई प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। गांव के पंचम यादव की शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी कर आख्या मांगी है।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों में 250 से अधिक भवन जर्जर हो चुके हैं। तीन से चार दशक पूर्व बने भवनों की हालत दयनीय हो चुकी है। इसमें 100 से अधिक ऐसे भवन हैं जो बच्चों के बैठने लायक नहीं हैं। शिक्षा विभाग ने जांच के बाद ऐसे भवनों की नीलामी कराकर ढहाने का निर्देश दिया था। इसके लिए कुछ स्कूलों की ओर से नियमों के तहत नीलामी कराई गई, लेकिन सेमराध में एक शिक्षक ने विभाग को धोखे में रखकर बिना नीलामी कराए ही तीन से चार जर्जर भवनों को पखवारे भर पूर्व मोटी कीमत लेकर बेच दिया। सेमराध गांव निवासी पंचम यादव ने शिकायत की तो विभाग में खलबली मच गई। खंड शिक्षा अधिकारी डीघ फराह रईस का कहना है कि मामला संज्ञान में है। स्कूल को नोटिस जारी कर आख्या मांगी गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि नियम विरुद्ध काम किए जाने के संबंध में रिपोर्ट तलब की गई है। संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग से आकलन कराकर नीलामी करानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।