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बच्चों के यूनिफार्म पर खर्च होंगे सवा 10 करोड़

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जिले के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के यूनिफार्म का पैसा भी अब कन्वर्जन कास्ट की तरह अभिभावकों के खाते में जाएगा। एक लाख 71 हजार छात्र-छात्राओं पर करीब 10 करोड़ 25 लाख खर्च होंगे। शिक्षकों से बैंक खाते के विवरण में सुधार का निर्देश दिया गया। कोरोना वायरस के कारण दो शिक्षा सत्र प्रभावित हुआ। 2020 की तरह 2021 में पहली से लेकर डिग्री कॉलेज तक बंद चल रहे थे। स्कूल-कॉलेज खुल गए, लेकिन बच्चों को अभी स्कूल में नहीं बुलाया गया। जिले में संचालित 1120 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में नामांकित 1.71 लाख बच्चों के यूनिफार्म के लिए 10.26 करोड़ अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। विभाग की ओर से इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इससे अब वह जहां अपने बच्चों को सही माप का यूनिफार्म सिला सकेंगे और यूनिफार्म के वितरण को लेकर उठने वाली तमाम शिकायतों पर भी विराम लगेगा। इसके लिए खाता संख्या आदि की फीडिग कराने का काम शुरू कर दिया गया है। परिषदीय स्कूलों में नामांकित प्रत्येक बच्चों को 600 रुपये में दो-दो सेट यूनिफार्म वितरण की योजना संचालित हो रही है। स्थिति यह है कि प्रत्येक वर्ष जैसे ही संस्थाओं की ओर से वितरण शुरू किया जाता है, शिकायतें उठनी शुरू हो जाती हैं। कहीं गुणवत्ता तो कहीं सिलाकर देने के बजाए रेडीमेड यूनिफार्म बांट दिए जाने की शिकायत जोर पकड़े रहती थी। हालांकि कोरोना वायरस संक्रमण के चल रहे दौर में अब शासन स्तर से बच्चों को यूनिफार्म वितरण के स्थान पर उनके अभिभावकों के खाते में सीधे धनराशि भेजने का निर्देश जारी किया है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि यूनिफार्म के लिए धन अवमुक्त नहीं किया गया है। अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजने के मिले निर्देश पर सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक विद्यालयों में प्रेरणा पोर्टल पर बच्चों के माता-पिता और अभिभावक का बैंक खाता संख्या पूरी तरह त्रुटिरहित फीड कराया जाए।
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