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साधुओं पर जानबूझकर हुआ जानलेवा हमला: संत केशव कृपाल

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ज्ञानपुर। महाराष्ट्र के पा।लघर में कार चालक समेत दो संतों की नृशंस हत्या पर संत समाज भड़क गया है। सनातन स्वाभिमान पक्ष के प्रवक्ता संत केशव कृपाल महाराज ने पालघर में संतों की हत्या भूलवश होने की संभावना को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों का सामूहिक हमला उनके साधु होने और साधुवेश में होने के कारण जानबूझकर किया गया।
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संत केशव कृपाल ने कहा कि सनातनव्रती संतों और ब्राह्मणों के प्रति आदिवासियों में जहर घोलने का काम योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। संतों की आदिभूमि महाराष्ट्र में आजादी के बाद से ही धर्मद्रोही खुलेआम सक्रिय हैं। कहा कि मृतक यदि संत वेश में न होते तो बेशक ऐसी घटना को अंजाम न दिया जाता। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल दो संतों की हत्या नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति के विरुद्ध वामपंथी बगावत का षड्यंत्र है। आज वामपंथ, मिशनरी और मनु विरोधी मिलकर सनातन मूल्यों और ब्राह्मण तेजस्विता का विनाश करना चाहते हैं। इन्हें इस्लामिक अतिवाद का भी परोक्ष समर्थन मिला हुआ है।
ब्राह्मण, ब्राह्मणत्व और सनातन सभ्यता मिटे या रहे, हमें इसकी चिंता अपने स्वार्थ के लिए कतई नहीं है। लेकिन, उसके बाद दुनिया से सदाचार, सद्विचार और मानवता सदा के लिए चली जाएगी और भारतवर्ष फिर से पराधीनता में जकड़ जाएगा। कहा कि आज ऋषिपुत्रों को अपनी और अपने जीने-मरने से ज्यादा विश्वकल्याण की चिंता है। सनातन धर्म में पग-पग पर विश्वहित की कामना सन्निहित है। केशव कृपाल महाराज ने कहा कि धर्मरक्षा का दायित्व राज्य और राजसत्ता के अधीन होता है, लेकिन अब उससे अधिक उम्मीद करना छोड़कर सनातन समाज को स्वयं चुनौती स्वीकार करने की जरूरत है। पाशविक क्रूरता के ग्रास बने स्वामी कल्पवृक्ष गिरी हमारी जन्मभूमि में ही जन्म धारण करने वाले दिव्यात्मा थे। यह जानकर और अधिक विचलित हूं, किंतु इनके बलिदान से गौरवान्वित भी हूं।
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