ज्ञानपुर। आचार संहिता खत्म होने पर करीब ढाई महीने बाद थानों में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। गर्मी-उमस के साथ ही जानकारी न होने से फरियादी भी कम ही पहुंचे। ज्ञानपुर, भदोही, गोपीगंज और ऊंज में आए मामले में एक का भी निस्तारण नहीं हो सका है। पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमों को निस्तारण के लिए भेजा गया।
ज्ञानपुर कोतवाली में एसडीएम भान सिंह और सीओ प्रभात राय की अध्यक्षता में शिकायतें सुनीं गईं। यहां पर कुल तीन प्रार्थना पत्र आए। राजस्व से जुड़ीं शिकायतें होने से निस्तारण के लिए टीमों को भेजा गया। ऊंज थाने में आए तीन प्रार्थना पत्रों में सभी लंबित रह गए। भदोही कोतवाली में समाधान दिवस पर कुल आठ मामले दर्ज किए गए। जिसमे से एक भी निस्तारित नहीं किया जा सका। कोतवाल अमरजीत चौहान ने बताया कि आज कुछ कम लेखपाल आए थे। जिससे समाधान में विशेष सफलता नहीं मिली लेकिन पुलिस को मौके पर भेज कर मामलों के निस्तारण का प्रयास किया गया। गोपीगंज में समाधान दिवस में महज एक प्रार्थना पत्र पड़ा, जिसका निस्तारण नहीं हो सका है। सुरियावां थाने में समाधान दिवस पर कुल सात आवेदन आए, जिसमे दो का निस्तारण किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक राम नगीना यादव ने बताया कि टीमों को भेजा गया है। दुर्गागंज थाने में एसपी डॉ. मीनाक्षी कात्यायन और सीओ भदोही अजय कुमार चौहान पहुंचे। यहां पर एक भी प्रार्थना पत्र नहीं आया। एसपी ने जनता की शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने का निर्देश दिया है। चौरी थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दो प्रार्थना पत्र आए, जिनका निस्तारण किया गया। औराई कोतवाली में तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिसमें छह प्रार्थना पत्र आए, पुलिस से जुड़े एक मामले का निस्तारण हो सका। पांच प्रार्थना पत्र लंबित रह गए। कोइरौना में दो प्रार्थना पत्र में एक निस्तारित हो सका। करीब ढाई महीने बाद शुरू हुए समाधान दिवस की जानकारी लोगों को नहीं मिल सकी, जिससे वह नहीं आए। यही कारण रहा कि नौ थानों में जहां पहले 50 से 60 प्रार्थना पत्र आते वहीं आज सिर्फ 31 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिसमें मात्र पांच निस्तारित हुए।