ज्ञानपुर। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की तैयारी की बैठक ली। इसमें नदियो में लोगों की जान बचाने वाले मल्लाह और गोताखोरों को राहत चैंपियस बनाने, उन्हें मानदेय देने और पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया। नहर विभाग से एक दशक में आई बाढ़ की जानकारी ली।
अधिशासी अभियंता नहर पुष्पेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी को 1978, 1982, 2021-22, में आए बाढ़ जल-स्तर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 2022 में डीघ ब्लाक के 26 गांवव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। जिनमें 23 गांव में फसल हानि और तीन गांव छेछूआ भूर्रा, इटहरा, अमिलौर में आबादी प्रभावित हुई थी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष तहसील ज्ञानपुर में 12 बाढ़ चौकी और राहत केंद्र, तहसील भदोही में छह बाढ़ चौकी और राहत केंद्र, तहसील औराई में चार बाढ़ चौकी वह रात केंद्र बने थे। जिलाधिकारी ने आपदा विशेषज्ञ को निर्देशित किया कि पिछले वर्ष बाढ़ कार्य में लगे लेखपाल, कर्मचारी व ग्राम प्रधान से सम्पर्क करते हुए डाटा संकलन कर जनपद स्तर पर स्थापित एकीकृत कन्ट्रोल रूम में सूचनाओं को अपडेट करें। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि विगत वर्षो में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर कृषकों को फसलों का बीमा कराने के लिए जागरूक करें। नदियों में डूबते को बचाने वाले मल्लाहों व गोताखोरों को ‘‘राहत चैम्पियन्स’’ उपाधि से सम्मानित करते हुए उन्हें मानदेय/लाभान्वित किये जाने की पहल पर बल दिया गया। साथ ही साथ उन्हें रेडक्रास फन्ड से भी आर्थिक मदद देने की पहल की गई। अभियंता जल निगम को जल-जीवन मिशन के तहत कार्य करने वाली संस्थाओं जैसे वैलेस्पन आदि के सीएसआर फंड से भी बाढ़ राहत के कार्यो को क्रियान्वित करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य, पशु पालन विभाग, विद्युत विभाग, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग,जल निगम, जिला पूर्ति विभाग, सहित ऐसे विभागों की बाढ़ बचाओ राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्य विकास अधिकारी यशवंत कुमार सिंह और अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने कहा कि पिछले साल जिन क्षेत्रों में बाढ़ आई थी उसको देखते हुए सूची बना लें उसी हिसाब से ग्रामवासियों को बाढ़ की पूर्व सूचना देते हुए उन्हें सचेत किया जाए। इस मौके पर एसडीएम आकाश कुमार, कृपाशंकर पाण्डेय, तहसीलदार विजय यादव, सुनील कुमार आदि रहे।