उनका कहना है कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारी मनमाने तरीके से सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रहे हैं। किसानों ने बुधवार को अधिग्रहण के प्रस्ताव के विरोध में ठेकेदारों और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ नारेपार गांव में प्रदर्शन कर विरोध जताया।
आरोप लगाया कि ठेकेदार अपनी कमाई के चक्कर में किसानों की कई बीघे जमीन को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग पर नारेपार जाने के लिए आठ सौ मीटर का मार्ग है। गांव में जाने के लिए यह मार्ग ठीक है।
पूर्व में लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाई गई सड़क 15 फीट चौड़ी है लेकिन अब ठेकदार द्वारा 22 फीट चौड़ी करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
सड़क चौड़ी करने से उनकी करीब 20 से 40 बीघे की भूमिधरी जमीन नष्ट होगी। जमीन को अवैध ढंग से हथियाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में बनी सड़क बेहतर होने के बाद भी उसे चौड़ी करने का कुचक्र कुछ ठेकेदारों द्वारा रचा जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में बनी सड़क की स्थिति काफी बदतर है, उसे दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है, बल्कि चौड़ीकरण के नाम पर उनका खेत लिया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वह आंदोलन पर उतारू होंगे। शासन-प्रशासन के खिलाफ अनशन तक करेंगे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
प्रदर्शन करने वालों में राजमणि सिंह, इंद्रमणि सिंह, शोभनाथ पाल, महा नारायण पाल, काशी, तिवारी, पंडित, श्यामधर, राममूरत, मुन्नर सिंह, राधे सिंह, तौलन सिंह, हरिशंकर, दशरथ, शीतला प्रसाद सेठ, चंदू शर्मा, संदीप, लधनधारी, शिव कुमार शुक्ल, सूर्यबली, राजबलि, हरिनाथ, जीत नारायण, कर्मराज सिंह, धर्मराज सिंह, राम बहादुर सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।