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बजट के अभाव में लटकी ग्रामीण अभियंत्रण की सड़कें

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डीघ ब्लाक में रजमला-बसहीं गांव की सीमा में अधूरी छोड़ी गई प्रधानमंत्री सड़क। संवाद - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर/वहिदानगर। प्रधानमंत्री ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में बजट न आने से कई सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीण सड़कें चलने लायक नहीं बची है। रजमला-बसहीं मार्ग सात साल से बदहाल है। यह तो एक बानगी है। ऐसी कई सड़कें हैं, जिनकी मरम्मत किए जाने की जरूरत है। डेढ़ दशक पूर्व प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से तहसील ज्ञानपुर, भदोही, औराई के गांवों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई। सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दी गई। कई सड़कें बन भी गईं लेकिन कई विभागीय उदासीनता और बजट की कमी के कारण लटक गईं। रजमला के दानबहादुर, दरवांसी के रामकुमार, बसहीं निवासी राजनारायण आदि ने बताया कि रजमला से बसहीं गांव की सीमा तक दो किमी सड़क पर मिट्टी स्तर का कार्य करा दिया गया है। लेकिन सात साल बाद भी सड़क पिच नहीं बन सकी। गर्मी में सड़क पर धूल उड़ती है। बारिश में कीचड़ होने से परेशानी होती है। इसी तरह, सुरियावां के अबरना, हरिहरपुर, बहुता, पट्टीबेजांव जैसे मार्ग भी टूट चुके हैं। अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण रईस अख्तर ने बताया कि 11 सड़कों के लिए शासन से 46 करोड़ की मांग की गई है। बजट मिलने पर ही काम होगा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में जीएसटी के मामले में अब जांच शुरू हो गई है। एक सप्ताह पूर्व लेखाकार और अधिकारी के बीच गाली गलौज और मारपीट के मामले में अब आला अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। पूर्व में मिले जीएसटी नंबर का उपयोग न कर नया नंबर एलाट कराने की जांच शुरू की गई है। अधीक्षण अभियंता हरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में जीएसटी कर अधिकारी को पत्र भेजकर जांच का निर्देश दिया गया है।
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