हिंदू नववर्ष के पहले दिन से ही नगर केसरिया रंग से पट गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से नव संवत्सर पर विराट पद संचलन एवं आद्य सर संचालक प्रणाम का आयोजन किया गया। पद संचलन मे ंनिकले गणवेशों ने नगर भ्रमण किया। इस दौरान नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर गणवेशों का स्वागत किया।
ज्ञानुपर नगर स्थित रोडवेज परिसर से काशी प्रांत के प्रचारक अभय कुमार जी ने पद संचलन का शुभारंभ किया। करीब पांच सौ से अधिक गणवेश गाजे-बाजे के साथ पंक्तिबद्ध होकर पद संचलन पर निकले तो लोग छतों से उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़े। भारत माता का जयकारा लगाते हुए चल रहे गणवेश एकता का संदेश भी लोगों को दे रहे थे। इस दौरान उनका उत्साह देखते ही बनता था।
रोडवेज परिसर से शुरू हुआ पद संचलन गोयल गली, बड़ाडीह, छोटा डीह, रामकापुरा, पुरानी बाजार, प्रोफेसर कालोनी होते हुए दुर्गागंज तिराहे पर आकर समाप्त हुआ। नगर के जिन मार्ग से गणवेश गुजरते छतों पर खड़ी महिलाएं उनका पुष्पवर्षा से स्वागत किया। काशी प्रांत प्रचारक अभय जी ने कहा कि नव संवत्सर सृष्टि का स्थापना दिवस है। इसी दिन इतिहास में कई बातें हुई।
प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक, झूलेलाल का जन्मदिन, युधिष्ठिर का राज्याभिषेक, संघ संस्थापक श्री हेडगेवार जी का जन्म हुआ था। एक जनवरी को मनाया जाने वाला नववर्ष भारतीय परंपरा के विरुद्ध है। प्रकृति भी नव संवत्सर का स्वागत अपने तरीके से करती है।
पद संचलन मे ंनिकले गणवेशों में भोलेंद्र जी, पवन जी, अंगराज सिंह, राजेंद्र, हरिराम, विनीत, अशोक, हितेश, अजयशंकर, राजीव गोयल, जगदीश, लवकुश सहित कई लोग उपस्थित रहे।