स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में पांच हजार से कम आबादी वाले 302 मॉडल गांवों में 13.59 करोड़ से रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का निर्माण होगा। इससे गांव में निकलने वाले ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन सहित साफ-सफाई की अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना स्वीकृत होने पर बजट भी जारी कर दिया गया है। सचिव और ग्राम प्रधानों को अक्तूबर तक काम पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है।
जिले की 546 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में एकल शौचालय और सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है, लेकिन कूड़े का निस्तारण नहीं होने से गंदगी फैली रहती है। इसे ठीक करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में 17 राजस्व गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहां डोर टू डोर कूड़ा निस्तारण, ठोस कूड़ा प्रबंधन, वर्मी कंपोस्ट पिट निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। 17 राजस्व गांवों के बाद गंगा से सटे 47 ग्राम पंचायतों को भी इसमें शामिल किया गया है। तीसरे चरण में पांच हजार से कम आबादी वाले 302 गांव को भी मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया है। इन गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर का निर्माण भी कराया जाएगा। इसमें एक ग्राम पंचायत में साढ़े चार लाख तक खर्च आएंगे। कार्ययोजना स्वीकृत होने पर उसे पूर्ण कराने की अंतिम तिथि भी तय की गई है।
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इनसेट-
क्या है रिसोर्स रिकवरी सेंटर होंगे तैयार
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर निर्माण की योजना है। जहां पर ठोस और तरल कचरे को अलग किया जाएगा। रिसोर्स रिकवरी सेंटर में ठोस और तरल कचरे को अलग-अलग किया जाएगा। कचरे को उपयोगी बनाने के लिए कार्य होगा। इससे बायोगैस और जैविक खाद भी तैयार होंगे। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। संवाद
ये काम
ग्राम पंचायतों को सुंदर व मॉडल बनाने के लिए स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलेगा। हर गली व चौराहे पर पथ प्रकाश की व्यवस्था होगी। इतना ही नहीं तालाबों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। गांवों में सड़कों की मरम्मत होगी, सीसी रोड निर्माण, जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाएगा। कहीं पर भी कूड़े के ढेर नहीं लगने दिए जाएंगे। पार्क विकसित करने के साथ व्यायामशाला व वालीबॉल कोर्ट के निर्माण भी कराए जाएंगे।