महराजगंज/औराई। हाईवे किनारे स्थित बाजारों का कूड़ा एप्रोच मार्ग पर डंप किया जा रहा है। इससे राहगीरों को दिक्कत होती है। गांवों में आरआरसी सेंटर न होने के कारण कूड़ा एप्रोच मार्ग पर डंप किया जा रहा है। बारिश के सीजन में लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने की चिंता सता रही है।
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के 43 किमी के दायरे में महाराजगंज, बाबूसराय, औराई, माधोसिंह, जंगीगंज जैसे प्रमुख बाजार पड़ते हैं। बाजारों के पास हाईवे प्राधिकरण की ओर से फ्लाईओवर बनवाए गए हैं। फ्लाईओवर के नीचे सुबह-शाम दुकानें सजती हैं। इन दुकानों और बाजारों से निकलने वाले कचरे को हाईवे किनारे एप्रोच मार्ग पर डंप कर दिया जाता है। महराजगंज और माधोसिंह गांव में अब तक आरआरसी सेंटर नहीं बन पाया है। इसलिए इन गांवों का कूड़ा सड़क किनारे ही डंप किया जा रहा है। माधोसिंह गांव में तो कूड़ा ट्राॅली भी रखी गई है। इसके बावजूद कचरा सड़क पर फैला रहता है। यही हाल महराजगंज गांव में भी है। महराजगंज से सटे हुसैनीपुर के पास सड़क पर कचरा फैला रहता है। हर दिन हाईवे के एप्रोच मार्ग से 400 से 500 लोग आवागमन करते हैं। कचरे के दुर्गंध से राहगीरों को परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हुसैनीपुर के ग्राम प्रधान नीलू गुप्ता ने बताया कि गांव में जगह न मिलने के कारण आरआरसी सेंटर नहीं बन पाया है। इसकी रिपोर्ट लेखपाल ने शासन को भेजी है। गांव से बाहर आरआरसी सेंटर के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। इस संबंध में एसडीएम बरखा सिंह का कहना है कि किसी भी हाल में सड़क पर कूड़ा डंप नहीं किया जाना है। संबंधित ग्राम पंचायतों से जवाब मांगा जाएगा। गांवों में कचरा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।