उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को हाईटेक करने की कोशिशें विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण परवान नहीं हो पा रही हैं। परिवहन निगम की बसें कब राजमार्ग पर बीच रास्ते में जवाब देकर खड़ी हो जाएंगी, यह बात न यात्री समझ पा रहे हैं, न मरीज और न ही परीक्षार्थी। बृहस्पतिवार को सुबह लगभग 10 बजे सूफीनगर-गोधना बाजार के पास क्लच पाइप फट जाने के कारण कैंट डिपो की जनरथ बस खड़ी हो गई और 52 यात्री एक घंटे तक राजमार्ग पर दूसरी बसों का इंतजार करते रहे।
चालक शफीक ने बताया कि फिटनेस के सभी मानकों की जांच करने के बाद ही बस आगे बढ़ी थी। वह डिपो से बस को कानपुर के लिए लेकर जा रहे थे। रास्ते में सूफीनगर-गोधना पहुंचते ही अचानक क्लच की पाइप फट जाने से बस आगे नहीं बढ़ सकी। इसकी सूचना डिपो अधिकारियों को दी गई। बस में सवार यात्रियों ने अधिकारियों पर सवाल उठाया है कि बसों की रवानगी करते समय फिटनेस का मात्र कोरम पूरा किया जाता है। लगभग पांच वर्ष पहले कैंट डिपो में शामिल हुई जनरथ की एक दर्जन बसें रफ्तार भरती हैं, लेकिन रखरखाव में लापरवाही के कारण कहां जवाब दे जाएंगी, इससे चालक व परिचालक अनभिज्ञ रहते हैं। यात्री उमेश कुमार राठौर ने बताया कि वह प्रयागराज जाने के लिए वाराणसी से बस में सवार हुए थे। कहने के लिए नान स्टाप बस है, लेकिन निजी बसों की तुलना में जनरथ की हालत खराब है। बाबतपुर निवासी खुशी सिंह ने कहा कि वह प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए प्रयागराज जा रही थीं। क्लच पाइप फटने से उन्हें एक घंटे तक इंतजार के बाद दूसरी रोडवेज की बस से रवाना किया जा सका। मडुआडीह निवासी राजबहादुर सिंह ने बताया कि वह मां को चिकित्सक के पास ले जा रहे थे। बस में खराबी के कारण अस्पताल का नंबर हाथ से चला गया। न चाहते हुए भी मां को दूसरी बस में परेशानी झेलते हुए लेकर जाना पड़ा। इसी क्रम में कई अन्य यात्रियों ने परेशानी झेलकर अपने-अपने गतंव्य तक पहुंचने के लिए ग्रामीण डिपो की बसों का सहारा लिया। एआरएम वाराणसी डीएस सिंह ने कहा कि जानकारी पर तकनीशियन को मौके पर भेजकर क्लच पाइप ठीक करा दिया गया है।