ज्ञानपुर। किसानों के लिए मुसीबत बने छुट्टा मवेशियों से राहत दिलाने के लिए जिले में 15 अस्थायी गोशाला बनाने का रोडमैप तैयार हो गया है। सभी गोशाला चारागाह की जमीन पर बनाई जाएंगी। एडीएम शैलेंद्र मिश्र की रिपोर्ट पर निर्विवाद छह चारागाह स्थल पर निर्माण तीन दिन के अंदर शुरू हो जाएगा जबकि नौ जगहों पर अतिक्रमण हटने पर निर्माण शुरू होगा।
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद गो संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। इससे ग्रामीण एवं नगरीय इलाकों में छुट्टा मवेशी की संख्या बढ़ने से किसान परेशान हो गए। गेहूं समेत अन्य फसलों को मवेशी पल भर में चट कर देते हैं। किसानों को राहत देने के लिए जिले के पिपरिस में डेढ़ से दो करोड़ की लागत से दो स्थायी गौशाला, बैदाखास में एक जबकि 21 अस्थायी गोशालाएं संचालित हैं। जिसमें 3200 मवेशी संरक्षित हैं। इसके बाद भी ग्रामीण इलाकों में मवेशियों से राहत नहीं मिल पा रही है।
शासन के निर्देश पर एडीएम शैलेंद्र कुमार मिश्र ने 19 चारागाहों को चिह्नित किया, जिसमें 15 स्थानों पर अस्थाई गौशाला बनाने की सहमति बनी, हालांकि नौ चारागाह स्थलों पर अवैध कब्जा होने से अभी वहीं निर्माण नहीं शुरू हो पाएगा, लेकिन छह स्थानों में औराई ब्लॉक के पिलखनी में काम शुरू हो गया है। इसमें पिलखनी के अलावा अभोली के हरदुआ, सुरियावां के तेजसिंहपुर, भदोही के दरूनहां, औराई के कलियापुर का नाम शामिल है। मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों और बीडीओ की बैठक कर संबंधित अस्थाई गौशालाओं को बनाने का निर्देश दिया। कहा कि गौशाला निर्माण शासन की प्राथमिकता में शामिल है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।