खेदौपुर-बेरवांपहाड़पुर मार्ग वर्षों से क्षतिग्रस्त है। मरम्मत नहीं कराए जाने पर ग्रामीणों ने जिला पंचायत के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस संबंध में पूर्व ग्राम प्रधान श्यामा शंकर गौतम ने जिला पंचायत पर अनियमितता का आरोप लगाया। एक किलोमीटर लंबा खेदौपुर से बेरवांपहाड़पुर मांग जिला पंचायत की उपेक्षा के कारण क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। बारिश के समय में गड्ढों में पानी भर जाने के लिए लोग गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। मार्ग के किनारे नाली का निर्माण न होने से गंदे पानी का जमाव और कीचड़ भी जमा रहता है। तटवर्ती गांव होने के चलते कई गांव से लोगों का आवागमन शवों का अंतिम संस्कार करने, मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र, मध्यप्रदेश जाने वाले गंगा घाट आकर नाव, स्टीमर से गंगा आर-पार होते हैं। गांव के बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग कोइरौना बाजार आकर ही राजमार्ग की ओर पहुंचते हैं। कई बार जिम्मेदारों से शिकायत करने पर न मार्ग की समस्या दूर हो सकी न कोई निरीक्षण करने पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि एक माह में समस्याओं का समाधान न हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में से बलिस्टर गौतम, रामप्रकाश गौतम, लालजी कन्नौजिया, राजू, राजाराम, अरुण, अभिजीत कुमार आदि रहे। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सुभाषचंद भारतीय ने कहा कि रिपोर्ट लेकर इस मार्ग को प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा।