ज्ञानपुर। मखमली कालीनों के लिए विश्व विख्यात कालीन नगरी में शहर से लेकर गांव तक की सड़कें दुर्दशा की शिकार हो चुकी हैं। सत्तापक्ष के माननीयों के दावों को मुंह चिढ़ाती सड़कों पर चलना मौत को दावत देने जैसा हो गया है। भदोही जिले की 403 किमी सड़कें गड्ढायुक्त चिह्नित की गई हैं, जिनकी मरम्मत के लिए आठ करोड़ की मांग की गई है। मुख्यमंत्री के 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान भी पूरा होना मुश्किल ही दिख रहा है। तय तिथि तक सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद 22 जून तक ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अल्टीमेटम मुख्यमंत्री ने दिया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के दो साल बाद भी सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो पाईं। शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं। इसके चलते हादसे हो रहे हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान जरूर चला, लेकिन बजट के अभाव में काम पूरा नहीं हो सका। जिले में लोक निर्माण विभाग की 1108 किमी सड़के हैं, जिनमें एक मुख्य मार्ग, दो स्टेट हाईवे और अन्य मार्ग शामिल हैं। गड्ढों में तब्दील सड़कों पर चलने वाले दैनिक यात्री सर्वाइकल पेन जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सड़कों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उन पर चलना भी मुश्किल हो चुका है। महजूदा बाजार से पकरी कला मार्ग, मोढ़ से मुख्यालय मार्ग, गड़ेरियापुर से पाली मार्ग, दानूपुर-सदौपुर मार्ग, भदोही- दुर्गागंज मार्ग कस्तूरीपुर चौराहे के समीप खराब, भदोही-दुर्गागंज मार्ग के लिंक मार्ग लांगनवारी से जोड़ते हुए वरुणा नदी होते हुए जौनपुर मार्ग, अभोली- भिखमापुर मार्ग, अभोली-एकौनी मार्ग, छनौरा- अभोली मार्ग समेत अन्य कई मार्ग बदहाली की सूची में शुमार हैं। लोक निर्माण विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो कुल 1108 किमी सड़कों में 403 किमी सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं। बताते चलें कि मानक पूरा न होने पर अधिकतर सड़कें समय से पहले ही टूट जाती हैं।
छात्रनेता ने दी आंदोलन की चेतावनी
ज्ञानपुर। जिले में सड़कों की मरम्मत की स्थिति राम भरोसे है। पीएमजीएसवाई के तहत करीब दो दशक पूर्व पिपरिस-मुख्यालय मार्ग बनाई गई। उसके बाद आज तक उक्त सड़क की मरम्मत नहीं हो सका। मार्ग पर दो से ढाई फीट के गड्ढे होने से छात्र-छात्राओं संग मरीजों को परेशान होना पड़ता है। छात्रनेेता अखिलेश प्रकाश पाल ने डीएम को प्रार्थना पत्र लिखकर सड़क की मरम्मत की मांग की है। कहा कि पूर्व में क्षेत्रीय विधायक और सांसद को ज्ञापन दिया गया, लेकिन अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। एक सप्ताह में उक्त सड़क के मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
जिले में करीब 403 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए आठ करोड़ के बजट की आवश्यकता है। बजट के लिए डिमांड की गई है। धन मिलते ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
आलोक कुमार, जेई तकनीकी