जंगीगंज रेलवे स्टेशन मार्ग पर बहता दूषित पानी।
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ज्ञानपुर। जिले में ओवरलोड वाहन सड़कों का दम निकाल रहे हैं। इनसे क्षतिग्रस्त हो चकी सड़कों पर चलना जान को जोखिम में डालने जैसा है। बालू लदे और रेलवे दोहरीकरण में लगे ट्रक और ट्रैक्टर ग्रामीण सड़कों को बदहाल कर रहे हैं। परिवहन विभाग और पुलिस इन पर सख्ती के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है।
2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर अधिकतर सड़कें गड्ढों से मुक्त नहीं हो सकी हैं। ज्यादातर सड़कें मरम्मत न होने से जर्जर हो चुकी हैं तो कई मार्ग ओवरलोड वाहनों के कारण कम समय में ही टूटकर गड्ढों में बदल गए हैं। डीघ विकास खंड के चंदापुर-दरवांसी मार्ग, सूफीनगर-जंगीगंज रेलवे मार्ग, गोधना-दरवांसी मार्ग, वहिदानगर-दरवांसी मार्ग, गोपीगंज-रामपुर घाट मार्ग, खमरिया-लालानगर मार्ग, अमवां-अलमऊ हाल्ट मार्ग समेत 50 से अधिक ऐसी सड़कें हैं जो ओवरलोड वाहनों के कारण टूट चुकी हैं। जंगीगंज-स्टेशन मार्ग मिट्टी ढोते ट्रैक्टर के कारण सड़क धंस चुकी है। लोक निर्माण विभाग के आंकड़ो पर गौर करें तो करीब 1250 में 437 सड़कें गड्ढामुक्त हो सकी हैं। 188 मार्गों के लिए बजट मिला है, लेकिन अभी वह सड़कें पूर्ण नहीं हो सकी हैं। परिवहन विभाग की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का दावा तो किया जाता है लेकिन हकीकत यह है कि प्रतिदिन सैकड़ो ओवरलोड ट्रकें हाइवे से गुजर रही हैं। भदोही-वाराणसी मार्ग और भदोही-मिर्जापुर मार्ग पर भी बड़ी संख्या में ओवरलोड ट्रक गुजर रहे हैं। लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी अरूण कुमार ने बताया कि एक सप्ताह में 30 से अधिक ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की गई। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग हीरामणि वर्मा ने कहा कि बजट की कमी से अधिकतर सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। जैसे-जैसे बजट मिलेगा सड़कों की मरम्मत की जाती रहेगी।