ज्ञानपुर। नदी किनारे रहने वाले मछुआरों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने और नदी को और ज्यादा निर्मल बनाने की दिशा में भारत सरकार ने ‘रीवर रैंचिंग’ योजना की शुरूआत की है। इसके तहत गंगा में मछलियों के बीज डाले जाएंगे और उनका संरक्षण किया जाएगा। योजना में हर जनपद को अलग-अलग लक्ष्य दिया गया है। भदोही जिले के चार घाटों पर कुल दो लाख मत्स्य बीज डालने का लक्ष्य है। मत्स्य विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। मत्स्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गंगा में ढाई से तीन इंच तक के मत्स्य बीज छोड़े जाने हैं। योजना के तहत भदोही जिले को दो लाख मत्स्य बीज नदी में छोड़ने का लक्ष्य मिला है। मत्स्य बीज की खरीद स्थानीय हैचरी स्वामियों से की जाएगी। शासन ने मत्स्य बीज की खरीद को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किया है। सहायक निदेशक मत्स्य ओएन भारती ने बताया कि मत्स्य बीज संचयन को लेकर निविदा की कार्यवाही चल रही है। इसे सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे गंगा में प्रमुख जलीय जीव मछलियों की संख्या बढ़ेगी साथ ही नदी का पानी और निर्मल होगा और आस-पास के मछुआरों को जीविकोपार्जन आदि में भी मदद मिलेगी।