आरोप लगाया कि प्रशासनिक उपेेक्षा से उनको योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे वह समाज की मुख्य धारा में नहीं जुड़ पाते।
संगठन के अध्यक्ष लालजी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे मुसहरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि आजादी के छह दशक के बाद भी उनकी बस्तियां आज भी अंधेरे में रहती है। गंवईं राजनीति और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से मुसहर बस्ती में न तो हैंडपंप है और न ही सीसी रोड है। सरकार की ओर से चल रही इंदिरा आवास, लोहिया आवास योजना के तहत आवास भी नहीं मिल रहा है। इससे उनकी बिरादरी समाज की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पा रही है। जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि चुनाव के समय उन्हें याद किया जाता है, लेकिन उसके बाद कोई भी नहीं आता। मुसहरों की एकजुटता को देख तहसील के कर्मचारी भी भौंचक रह गए। तहसील पर आए फरियादियों ने भी उनका मनोबल बढ़ाते हुए सहयोग दिया। एसडीएम नरेंद्र सिंह ने उनकी बातों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में नोखई लाल, उर्मिला देवी, रन्नो देवी, इसरावती देवी, फूलदेई, लालचंद्र, पूजा, कुमारी, कैलाश, पप्पू, कलंदर सहित कई लोग मौजूद रहे।