बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने बहुजन समाज के लिए जो सपना देखा था उसे मनुवादी सोच के लोगों ने पूरा नहीं होने दिया। उन्होंने लंदन गोलमेज सम्मेलन में बहुजनों को संप्रदायिक पंचाट के रूप में जो दो वोटों का अधिकार और अलग निर्वाचन क्षेत्र दिलवाया उसे मनुवादियों ने वर्ष 1932 में छीन लिया। आज हमें जो आरक्षण मिल रहा है वह हमारा हक है न कि भीख।
ये बातें रविवार को नगर के ग्राम अभयनपुर में बहुजन समाज के बैनर तले आयोजित पूना पैक्ट धिक्कार महासम्मेलन की संयोजक डा.इंदु चौधरी ने कही। उन्होंने आरक्षण पर मनुवादियों पर हमला बोला और बहुजन समाज की उपेक्षा पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि केवल आरक्षण में नौकरी देना काफी नहीं है। बहुजनों की संख्या 85 प्रतिशत है। सत्ता में भागीदारी ही हमारा आरक्षण है। लेकिन जागरुकता और एकता के अभाव में हमारे ऊपर अत्याचार हो रहे हैं। कहा कि हम जब भी अपने अधिकार की बात करते हैं मनुवादी हल्ला बोल कर कहते है कि देश खतरे में है।
हकीकत यह है कि असली देशभक्त अंबेडकरवादी हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से कहा कि बाबा साहेब कहा करते थे कि संगठित जुल्म को संगठित होकर ही रोका जा सकता है। उनके चलते ही आज हम इस स्तर तक पहुंचने में सफल हुए हैं। लेकिन अभी बहुत आगे जाना है।
सम्मेलन को दूसरे कई वक्ताओं ने भी संबोधित किया और पूना पैक्ट को 85 प्रतिशत बहुजन आवादी के लिए धिक्कार बताया। इस दौरान मुख्य रुप से उदय राज, बिजेंद्र प्रसाद, महेंद्र प्रताप सिंह, सत्य प्रकाश भारती, भरत लाल पासी, अनिल कुमार, हीरा लाल, शिवदास कनौजिया, राजेंद्र प्रसाद, लाल बहादुर गौतम आदि ने भी संबोधित किया।