सीजेएम कोर्ट में विधायक विजय मिश्र की पेशी के बाद चार मुकदमों में चार्जशीट की तैयारी में पुलिस लग गई है। कोर्ट से रिमांड बनने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। कालीन व्यवसायी से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में सर्वप्रथम विधायक के खिलाफ औराई में गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी। इसके पश्चात कौलापुर निवासी उनके रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी ने फर्म और भूमि हड़पने के आरोप लगाए थे। इस मामले में विधायक के खिलाफ संगीन धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। 18 अगस्त 2020 को विधायक को मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके उन पर ताबड़तोड़ छह मुकदमे दर्ज किए गए। दो मामलों में उनके खिलाफ चार्जशीट भी भेजी जा चुकी है जबकि चार अन्य मामलों में पेशी न होने के कारण रिमांड नहीं बन रहा था। कोरोना संक्रमण के चलते विधायक की पेशी नहीं हो सकी। दो मामलों में तो वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रिमांड बना दिया गया था जबकि दो मामलों में कोर्ट के सामने पेश होना अनिवार्य था। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच विधायक की पेशी कराई गई और कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इसके साथ ही विवेचक अब चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में जुट गया है। पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने कहा कि विधायक की पेशी के बाद रिमांड बनी है। नियमानुसार रिमांड बनने के 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल होनी है। इसके लिए गोपीगंज थाने की पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। वहीं दूसरी ओर असलहा लाइसेंस के मामले में डीएम कोर्ट ने दो माह पहले ही विधायक की क्रिमिनल हिस्ट्री गोपीगंज पुलिस से तलब की है लेकिन वह अभी तक उपलब्ध नहीं करा सकी। शुक्रवार को पेशी के दौरान सीजेएम कोर्ट ने भी विधायक की क्रिमिनल हिस्ट्री को तलब किया।