जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि भदोही तहसील के हरियावं निवासी सुनील कुमार यादव ने कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर खरीदा। इसका उन्होंने एलआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया। बीमा छह सितंबर, 2023 से पांच सितंबर, 2024 तक वैध था। तीन जनवरी 2024 को उनका ट्रैक्टर जोताई के दौरान पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी सूचना उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी को चार जनवरी 2024 को ही दे दी। आरोप है कि बीमा कंपनी के अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचे और गलत आख्या रिपोर्ट लगाई। इस पर बीमा कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने 12 जुलाई 2024 को कंपनी के वाराणसी प्रबंधक और मुंबई में महाप्रबंधक के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन न्यायाधीश संजय कुमार डे और सदस्य न्यायाधीश दिप्ती श्रीवास्तव व न्यायाधीश विजय बहादुर सिंह की पीठ ने सुनवाई करते हुए याचिका स्वीकार करते हुए इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उपभोक्ता की सेवा में कंपनी का दोषी पाया। कोर्ट ने कंपनी को दो महीने के भीतर बीमा क्लेम की धनराशि 221616 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। चेताया कि दो महीने में क्लेम न देने पर पूरी धनराशि पर 12 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ देनी होगी। वहीं, पीड़ित को पांच हजार रुपये वाद खर्च भी देने का आदेश दिया।