बताया कि इस मामले में 11 मई को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और बाद में कार्रवाई की गई। वादी राजकमल तिवारी के पिता कृष्ण मोहन तिवारी ने विजय मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, जबकि विजय 25 माह से आगरा जेल में निरुद्ध है। उसकी पत्नी रामलली धनापुर में नहीं रहती और बेटी रीमा पांडेय अधिवक्ता हैं। उनके पति कर्नल हैं। वह धनापुर आए ही नहीं है।
ऐसे में आरोपी सद्दाम हुसैन और सोनू की ओर से धनापुर आवास पर जाकर पैसे मांगने का कोई औचित्य ही नहीं है। आरोपी सद्दाम और सोनू की जमानत जून 2022 में कोर्ट से मंजूर हो चुकी है। वह शिव कुमार उर्फ सोनू और सद्दाम हुसैन को न जानते और न पहचानते हैं।
मामले में विधायक ज्ञानपुर विपुल दूबे की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों के मद्देनजर अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने ब्लॉक प्रमुख डीघ की जमानत को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने एक लाख की दो जमानत और उतने के बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया।