ज्ञानपुर। भदोही के सपा विधायक जाहिद जमाल बेग को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने नौकरानी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दर्ज मुकदमे की दोबारा विवेचना करने का आदेश दिया है। पुलिस की विवेचना से संतुष्ट न होने पर एमपीएमएल कोर्ट साधना गिरी की अदालत ने मामले की पुन: विवेचना कर पुलिस को 21 जनवरी तक पत्रावली पेश करने का आदेश दिया है।
भदोही के सपा विधायक जाहिद जमाल बेग के मालिकाना मोहल्ले स्थित आवास की तीसरी मंजिल पर आठ सितंबर को नौकरानी ने फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने विधायक के साथ उनकी पत्नी सीमा बेग और बेटे जईम बेग के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी जैसे मामले दर्ज किए।
आत्महत्या करने वाली नौकरानी की मां ने कोर्ट में वाद दाखिल कर पड़ोसी अभिषेक सरोज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि वह उनकी बेटी को प्रेमजाल में फंसाकर उसका वीडियो भी बना लिया। पीड़िता ने मामले में आरोपी अभिषेक सरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अपील की थी।
मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 14 अक्तूबर को विधायक पर दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने के मुकदमे के साथ इस मामले की विवेचना भी एक साथ करने का आदेश दिया। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में न तो आत्महत्या करने वाली नौकरानी के पिता का बयान दर्ज कराया और न ही उसकी मां का। इसके अलावा आरोपी अभिषेक सरोज का बयान भी मजिस्ट्रेट के सामने नहीं कराया गया।
नौकरानी की मां और पिता ने अपने शपथ पत्र कोर्ट में दाखिल किया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस पर नाराजगी जाहिर की। पुलिस की विवेचना से असंतुष्ट कोर्ट ने विधायक पर दर्ज आत्महत्या के उकसाने के मामले में दोबारा विवेचना करने का निर्देश दिया है। एमपीएमएलए कोर्ट साधना गिरी ने मामले की दोबारा विवेचना कर 21 जनवरी तक पत्रावली पेश करने का निर्देश दिया है।