सहकारी बैंकों से ऋण लेकर स्वर्ग सिधार चुके कर्जदारों के आश्रितों को ऋण जमा करने का मौका मिला है। शासन ने एकमुश्त समाधान योजना शुरू की है। इसमें आश्रित शत प्रतिशत तक ब्याज रहित ऋण जमा कर सकेंगे। इसके लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसमें जिले के 351 कर्जदारों को राहत मिलेगी।
जिले में 52 सहकारी समितियां संचालित हैं। इसमें आठ से नौ हजार सदस्य पूर्व में जुड़े थे। खाद-बीज व उपकरण आदि लेने के लिए किसानों ने सहकारी बैंको से ऋण लिए लेकिन बाद में ज्यादातर किसान जमा नहीं किए। धीरे-धीरे कई किसान दिवंगत हो गए और उनका ऋण ब्याज के साथ ही बढ़ता रहा। उनके बेटे या अभिभावकों की तरफ से ध्यान न देने पर ऋण का ब्याज अधिक होने से पैसा जमा करना भी मुश्किल हो गया है। अब शासन के निर्देश पर सहकारी बैंकों की तरफ से एकमुश्त समाधान योजना शुरू की गई है। इसमें मृतक आश्रितों को ऋण जमा करने पर ब्याज नहीं देना होगा। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में सहकारी बैंकों से लिए गए करीब एक करोड़ 10 लाख का कर्ज मृतक किसानों पर है। एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि 31 मार्च 2003 से पूर्व कर्ज लेने वाले किसानों के आश्रितों को ब्याज पर 100 फीसदी, एक अप्रैल 2003 से 31 मार्च 2013 तक के लिए 75 फीसदी और एक अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2023 तक 50 फीसदी तक छूट दी जाएगी।
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सहकारी बैंक के मैनेजर को सौंपा ज्ञापन
ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्रामीण विकास बैंक के शाखा प्रतिनिधि विजय बहादुर सिंह ने मंगलवार को प्रबंधक को पत्रक देकर येाजना के प्रचार-प्रसार की मांग की। कहा कि इससे बैंक का अधिक से अधिक ऋण जमा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि बकायेदारों के लिए यह सुनहरा मौका है। इस मौके पर अभिषेक सिंह, संदीप तिवारी, प्रमोद कुमार, सुजीत सिंह आदि रहे। संवाद