शादी-विवाह के लिए जिले के नगर क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक मैरिज लॉन संचालित हो रहे हैं। लेकिन इनके संचालक ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसके चलते आए दिन सड़कों के किनारे तिलक, बारात के कारण भीषण जाम लग रहा है। ट्रैफिक और पार्किंग नियम का पालन कराने में नगर प्रशासन भी उदासीन रवैया अपनाए नजर आता है।
जिले में 30 से अधिक मैरिज लॉन संचालित हो रहे हैं। लेकिन अधिसंख्य के पास न तो पार्किंग की व्यवस्था है न ही सुरक्षा के चौकस इंतजाम। कई सिनेमाघर भी मैरिज लॉन में तब्दील हो चुके हैं, जिनके पास पहले से ही वाहनों की पार्किंग के लिए जगह का अभाव था। इसके अलावा कमाई के लिए भी तमाम लोगों ने मैरिज लॉन का निर्माण करा लिया है। ऐसे लोगों ने मांगलिक कार्यक्रम में आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। इसके चलते मांगलिक कार्यक्रमों में आने वाले वाहनों को सही जगह न मिल पाने पर वे सड़क किनारे खड़े कर देते हैं।
आसपास में कई मैरिज लॉन होने पर सड़कों पर वाहनों के लाइन लग जाती है। ऐसे में पैदल चलना और द्वारचार के लिए समस्या बढ़ जाती है। इससे आवागमन करने वालों के लिए भी जाम से छुटकारा पाना बड़ी मुसीबत होती है। चूंकि इस पर जिला, नगर और पुलिस प्रशासन भी मूक बना रहता है। इसके चलते मैरिज लॉन संचालक तो कमाई खूब करते हैं, लेकिन उनकी लापरवाही किसी के लिए कितनी बड़ी परेशानी बनेगी, इसका अंदाजा उन्हें नहीं रहता है। इससे जिले के भदोही, गोपीगंज, ज्ञानपुर, घोसिया, खमरिया सुरियावां, नईबाजार समेत जहां-जहां भी मैरिज लॉन हैं, वहां इस तरह की समस्या होती हैं।
विनियमित क्षेत्र में पार्किंग का मानक निर्धारित हैं, जो कि मैरिज लॉन संचालकों पर भी लागू है। पार्किंग न होने से ट्रैफिक जाम होना बड़ी समस्या है। इसके लिए शीघ्र ही मैं जांच कराऊंगा, मानक का जो भी लॉन संचालक उल्लंघन करेंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। जो बिना पंजीकृत उनके लिए भी प्रशासन कार्रवाई करेगा। - विपिन कुमार, उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर