बीती रात तरावीह का दौर मुकम्मल करने के बाद उन्होंने कहा कि रमजान में एक नेकी का सत्तर सवाब मिलता है। इस मौके पर नमाजियों ने उन्हें फूल माला पहना कर इस्तकबाल किया।
माहे रमजान में पढी जाने वाली नमाजे तरावीह में कुरआन मुकम्मल होने का सिलसिला शुरू हो चला है। जामा मस्जिद में हाफिज परवेज अच्छे ने आठ दिन में कुरआन पाक पढ़कर सुनाया।
आखिरी पारा खत्म होते ही लोगों ने उनका स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठा कर पूरी दुनिया में अमन चैन के लिए दुआ की। कहा कि यह रहमतों वाला महीना है। इस पूरे महीने रोजेदारों पर अल्लाह की रहमतें बरसती हैं।
इसलिए सभी को कसरत से ईबादत करनी चाहिए। बधाई देने वालों में शमसुद्दीन अंसारी, सलाम अंसारी, शमसुददीन मुन्ना, मसूद आलम, डा, डल्लू, रिजवान अहमद, जमालुददीन अंसारी, मकसूद अहमद, मसरूर खां, अच्छू खां आदि मौजूद रहे।