ज्ञानपुर। जिले के 10 नए और 47 पूर्व प्रधानों के खिलाफ फिर से जांच शुरू हो गई है। पूर्व में नामित अफसरों की जांच आख्या से डीएम संतुष्ट नहीं हुए। इन ग्राम पंचायतों की दुबारा जांच का आदेश दिया गया है। इससे संबंधित ग्राम प्रधानों की मुश्किलें बढ़नी तय मानी जा रही है। जिले में 546 ग्राम पंचायतों में करीब एक हजार से अधिक राजस्व गांव है। इन गांवों में हर साल राज्य वित्त एवं 15वें वित्त संग मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन के बजट से जरूरी विकास कार्य कराए जाते हैं। जल निकासी के लिए नाली निर्माण, इंटरलाकिंग, खड़ंजा, सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन सहित कई कार्य होते हैं। इन पर लाखों खर्च होते हैं। कुछ गांव में गाइडलाइन के विपरीत काम कराने पर भी प्रधान जांच के दायरे में आए हैं। पंचायत राज विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो ग्रामीणों की शिकायत संग आडिट टीमों की जांच में 2021 से पूर्व 47 और 10 नए प्रधान जांच की जद में हैं। नए प्रधानों में नवधन, तुलसीपट्टी, दुलमदासपुर आदि प्रमुख हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश कुमार यादव ने बताया कि प्रधानों की जांच रिपोर्ट सही नहीं है। इसके कारण डीएम ने इन गांवों में दुबारा जांच का निर्देश दिया है। एक सप्ताह में जांच आख्या मांगी गई है। ज्ञानपुर। सामुदायिक शौचालय निर्माण में धांधली करने वाले 23 पूर्व प्रधानों और सचिवों से पंचायत राज विभाग अब रिकवरी की तैयारी में जुट गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश कुमार यादव ने बताया कि 38 सचिवों और पूर्व प्रधानों में 15 ने शौचालय का निर्माण पूर्ण करा दिया है, लेकिन अब भी औराई, डीघ और भदोही में 23 सामुदायिक शौचालय बजट खर्च होने के बाद भी अधूरे हैं। पूर्व में नोटिस भेजने के बाद भी काम अधूरा है। अब ऐसे पूर्व प्रधान और सचिवों से रिकवरी की जाएगी। अप्रैल में इनके खिलाफ राजस्व विभाग के माध्यम से आरसी जारी होगी।