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लापरवाही में सवा तीन लाख कार्डधारकों को नहीं बंटा राशन

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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के राशन का वितरण कार्यदायी संस्था की उदासीनता के भेंट चढ़ गया है। जून के दूसरे चरण का राशन अब तक कोटे की दुकानों पर नहीं पहुंच सका है। इससे सवा तीन लाख कार्डधारकों की चिंता बढ़ गई है। कार्डधारक कोटे की दुकान से लेकर पूर्ति कार्यालय का चक्कर काटने को विवश है। डीएम की सख्त हिदायत के बाद भी वितरण अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
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जून के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का छह हजार क्विंटल राशन औराई ब्लाक के 47 गांवों में लैप्स होने की शिकायत पोर्टल पर दर्ज होते ही 24 अगस्त को डीएम आर्यका अखौरी ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जून के द्वितीय चरण में वितरित होने वाले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का सशुल्क राशन और नि:शुल्क चना, नमक, रिफाइन तेल का वितरण 25 से 31 अगस्त तक करने का आदेश दिया। सशुल्क गेहूं-चावल का उठान चालान एक दिन विलंब से निकलने के कारण सामानों की उपलब्धता मात्र 20 फीसद कोटेदारों तक हो सकी है। खाद्य सामानों से वंचित कोटेदार उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि गेहूं का स्टॉक पूरा मिला है लेकिन चावल, चना, नमक और तेल अभी तक नहीं मिल सका है। पूरा खाद्य सामान मिलने पर ही कार्डधारकों में वितरण किया जा सकता है। डीआरएमओ देवेंद्र सिंह ने कहा कि शुक्रवार तक 60 फीसद खाद्य सामान कोटेदारों को उपलब्ध कराकर वितरण सुनिश्चित करवाया जा रहा है। 31 अगस्त तक 730 कोटेदार और सवा तीन लाख कार्डधारक सशुल्क और नि:शुल्क वितरण से संतृप्त भी हो जाएंगे। सुरियावां। ब्लॉक क्षेत्र के लाभार्थियों में प्रति कार्ड एक यूनिट खाद्य सामान कम मिलने का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व में ब्लॉक गोदामों से उठान होने पर कोटेदार सामान में कटौती का रोना रो रहे थे। गोदाम से होने वाली कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सिंगल स्टेज डोर-टू-स्टेम डिलिवरी व्यवस्था लागू की गई है। लाभार्थी अमरनाथ, सुशीला देवी, रमेश, सुरेश, आनंद, मोहन, जोखन ने डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि यदि कोटेदारों को मिलने वाले सामानों की जांच की जाए तो विपणन विभाग की हकीकत सामने आ जाएगी। अभोली ब्लॉक कोटेदार संघ के अध्यक्ष रमेशचंद्र पांडेय ने कहा कि विभागीय कमी के कारण कार्डधारक कोटेदारों पर ही संदेह करते है। जब कोटेदार को पूरा सामान मिलेगा तभी कार्डधारक संतुष्ट होंगे। कोटेदार विवेक दुबे, रामदुलार यादव, महेंद्र कुमार मोदनवाल, संजय पांडेय, प्रकाश शुक्ला, अजय शुक्ला, त्रिभुवन बिंद, रविशंकर, आशीष मोदनवाल, धनंजय तिवारी, माताशंकर शुक्ला आदि ने उठान व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताई।
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