गोपीगंज। ज्ञानपुर-गोपीगंज मुख्य मार्ग से सटे घुरीपुर-जखांव गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को करीब एक घंटे तक कोटेदार के खिलाफ ज्ञानपुर-गोपीगंज मार्ग पर चक्काजाम किया। यातायात व्यवस्था में व्यवधान की जानकारी होने पर प्रभारी निरीक्षक सदानंद सिंह ने पहुंच कर ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराया। जिससे सुबह 10 बजे से आवागमन बहाल हो सका।
सुबह नौ बजे 50 से अधिक महिला और पुरुष घूरीपुर के पास पहुंच गए। ज्ञानपुर-गोपीगंज मार्ग पर चक्काजाम कर कोटेदार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें तीन माह का राशन नहीं मिला है। सोमवार को वितरण की अंतिम तिथि होने के बावजूद कोटेदार ने ई-पास मशीन पर एक भी पात्र गृहस्थी, अंत्योदय कार्डधारकों का अंगूठा स्कैन नहीं कराया। अंगूठा स्कैन न होने के कारण सैकड़ों कार्डधारकों को प्रति यूनिट मिलने वाले सशुल्क और नि:शुल्क राशन को बेच दिया गया।
चक्काजाम स्थल पर आपूर्ति विभाग से किसी के न पहुंचने का भी मलाल ग्रामीणों में काफी देर तक रहा। कोटेदार सुमन देवी ने कहा कि जून माह के द्वितीय चरण का राशन अभी तक पूरा नहीं मिल सका है, जिसके कारण वितरण में दिक्कत आ रही है। आरोप लगाने वालों को आश्वस्त किया गया था कि राशन उपलब्ध होने पर वितरण किया जाएगा। प्रभारी निरीक्षक सदानंद सिंह ने बताया कि चक्काजाम करने वालों का प्रार्थनापत्र लेकर आपूर्ति विभाग को भेज दिया गया है।
निरस्त चार हजार क्विंटल राशन का मिला आवंटन
ज्ञानपुर। औराई ब्लॉक के लगभग 42 कोटेदारों के निरस्त हुए राशन को शासन ने आवंटन कर दिया है। कोटेदारों ने राशन न उपलब्ध के कारण प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि सिंगल स्टेज व्यवस्था में लगे ठेकेदार की लापरवाही से राशन नहीं दिया गया। वितरण न होने पर कार्डधारक कोटेदारों पर ही कालाबाजारी का आरोप लगा रहे हैं। ठेकेदार से पूछने पर कहा जा रहा है कि 42 कोटेदारों का राशन निरस्त हो चुका है। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि जून के दूसरे चरण में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत 42 कोटेदारों का करीब चार हजार एमटी राशन निरस्त होने का मामला शासन तक पहुंचा। कार्डधारकों के हित में शासन ने उक्त राशन का आवंटन कर दिया है, जिसका उठान भी कराया जाने लगा है।
अनियमितता में कोटेदार पर कसेगा शिकंजा
ज्ञानपुर। डीघ ब्लॉक के शिवनाथपट्टी कोटेदार पर आपूर्ति विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। 12 सितंबर को वितरण की अंतिम तिथि पर कार्डधारकों की भीड़ कोटे की दुकान पर लगी थी। वितरण के समय कार्डधारकों ने घटतौली का आरोप लगाकर शिकायत अधिकारियों से की गई। आपूर्ति निरीक्षक डीघ वीके विश्वकर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अनियमितता सामने आने पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।