ज्ञानपुर/दुर्गागंज। नौ माह से सब्सिडी युक्त कृषि सामानों की धनराशि खाते में न आने के कारण किसानों की नाराजगी बढ़ने लगी है। मंगलवार को अभोली और सुरियावां ब्लाक के सदलूबीर, गड़ौरा बाजार में एकजुट किसानों ने सड़क पर उतरने की रणनीति तैयार की।
किसानों ने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग पर सवाल उठाया है कि एक ओर लघु एवं सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने की नीति पारित की जाती है। उसी नीति पर कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तहसील, ब्लाक के गांवों से किसानों को सब्सिडी डीयुक्त धान-गेहूं बीज, हरी खाद के लिए ढैंचा, जुताई-बुआई को यांत्रिक यंत्रों को लेने पर किसानों को विवश करते हैं। न चाहते हुए भी किसान सुरक्षित पूंजी को विभाग के खाते में जमा कर सब्सिडी का इंतजार करते हैं। पशुपालन, उद्यान, सहकारिता, लघु सिंचाई, काले रंग की पाइप, सोलरयुक्त पंप, रोटावेटर, कम-अधिक पावर के ट्रैक्टर, सीड ट्रिल, प्रेशर पंप आदि लेने वालों की संख्या में 700 से अधिक है। बैठक में धर्मेंद्र कुमार, रामनिहोर, सुरेश, दिलीप, कमला शंकर, नान्हूराम, अरुण आदि किसान उपस्थित रहे। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि सब्सिडीयुक्त सामानों की खरीदारी ऑनलाइन व्यवस्था पर आधारित है। विभाग बिल-बाउचर का सत्यापन करता है। किसानों के हित में प्रति माह शासन को पत्र भेज दिया जाता है।