ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतिम चरण में वितरित होने वाला निशुल्क खाद्यान्न दूसरे दिन भी ठेकेदारों की लापरवाही से 200 कोटे की दुकानों पर नहीं पहुंच सका। इससे नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में 50 हजार से अधिक कार्डधारक अनाज पाने से वंचित रहे।
लॉकडाउन के बाद केंद्र सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कार्डधारकों को महीने में दो बार राशन देने की व्यवस्था है। अंतिम चरण का वितरण चक्र होने के कारण एक सप्ताह पूर्व ही खाद्य एवं रसद आयुक्त ने पत्र भेजकर विभाग को समय से राशन का उठान कराते हुए 21 से 30 नवंबर तक वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। जिले में तीन तहसील औराई, भदोही और ज्ञानपुर में दो नगर पालिका, पांच नगर निकाय, छह ब्लॉकों के अधीन कुल 744 कोटे की दुकानों का संचालन आपूर्ति विभाग करा रहा है। इसमें अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के करीब साढ़े तीन लाख कार्डधारक जुड़े हैं।
डेढ़ दशक बाद मिर्जापुर के बजाए माधोसिंह में रैक की व्यवस्था मिलने के बावजूद बफर और ब्लॉक स्तरीय गोदामों पर विभाग ठेकेदार लापरवाही बरत रहे हैं। जिससे दुकानों पर समय से राशन नहीं पहुंच पा रहा है। रसद और आरएफसी विभाग के तहत होने वाला उठान विभागीय खींचतान के चलते समय पर वितरण नहीं हो पा रहा। मामला चाहे रैक के विलंब से आने का हो या बफर गोदामों के ताले न खुलने का। कोटेदारों को समय पर खाद्यान्न की आपूर्ति जब तक नहीं मिलेगी तब तक वह वितरण करने से कन्नी काटेंगे और कार्डधारक दुकानों का चक्कर लगाते रहेंगे।
आरएमओ एके मिश्रा ने कहा कि दो दिन पूर्व माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर गेहूं लेकर आई रैक भी खाली हो चुकी है। बफर गोदाम से ब्लॉकवार कोटे की दुकानों पर राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी ठेकेदारों के हाथ में है, जिनकी लापरवाही से राशन पहुंचने में देरी हो रही है। आरएफसी माहेश्वरी तिवारी ने बताया कि अब तक 744 दुकानों के सापेक्ष 650 कोटे की दुकानों पर राशन पहुंचाया जा चुका है। शेष अन्य दुकानों पर जल्द ही पहुंचाया जाएगा।